नई दिल्ली(वीएनएस)।संसद में जारी गतिरोध समाप्त करने का सरकार का प्रयास विफल रहा, क्योंकि विपक्ष अयोध्या राम मंदिर में ‘चढ़ावा चोरी’ और छात्र आंदोलन पर प्रधानमंत्री व गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की अपनी मांगों पर अड़ा रहा। कांग्रेस ने इस दोहरी मांग को विपक्षी एकजुटता से जोड़ते हुए कहा कि सरकार इसमें दरार डालने में सफल नहीं होगी, जिससे दोनों सदनों में कामकाज बाधित रहा।
सोमवार को लोकसभा ने विपक्ष के सांसदों की ज़बरदस्त नारेबाज़ी के बीच बिना किसी चर्चा के 'ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स बिल, 2026' पास कर दिया। राज्यसभा ने 'टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल, 2026' को वॉइस वोट (मौखिक मतदान) के ज़रिए लौटा दिया। इससे पहले, उच्च सदन ने 'बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026' को वॉइस वोट से पास किया था। सोमवार को दोनों सदनों में कुछ रुकावटें आईं। सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद, विपक्ष के विरोध और अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की मांग के बीच लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। कुछ मिनटों बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी स्थगित कर दी गई। दोनों सदनों की कल 11 बजे फिर से शुरू हुई।
लोकसभा में विरोध के बीच चार बिल पेश किए गए - ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स बिल, 2026; मिनरल्स एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026; केरल (ऑल्टरेशन ऑफ़ नेम) बिल, 2026 और नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (अमेंडमेंट) बिल, 2026। राज्यसभा ने कुछ देर के लिए कामकाज किया, लेकिन कुछ ही मिनटों बाद कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
आज क्या कुछ हुआ
संसद में जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार ने सोमवार को छात्रों के आंदोलन के मुद्दे पर चर्चा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की पेशकश की, लेकिन कांग्रेस ने कहा कि विपक्ष अयोध्या के राम मंदिर से कथित चढ़ावे की चोरी के मामले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की अपनी दोनों मांगों पर कायम है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि ये दोनों मांगें एक दूसरे से जुड़ी हैं तथा ‘‘विपक्षी एकजुटता’’ में दरार डालने के सरकार के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि सरकार छात्रों के मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री अमित शाह विस्तार से जवाब देने को तैयार हैं, लेकिन विपक्ष को उनका पूरा जवाब सुनना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पहले दिन से यह मांग कर रहे थे कि गृह मंत्री अमित शाह को (छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर) जवाब देना चाहिए। रीजीजू ने कहा कि मैं सरकार की ओर से स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं कि सरकार छात्रों के मामले को लेकर चर्चा के लिए तैयार है और पूरा जवाब देने के लिए तैयार है। गृह मंत्री अमित शाह विस्तार से जवाब देने को तैयार हैं। उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए यह भी कहा कि कांग्रेस और विपक्ष से अनुरोध है कि उन्हें गृह मंत्री के जवाब के समय डरना नहीं है, भागना नहीं है। उन्हें पूरा जवाब सुनना पड़ेगा।
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