रायपुर(वीएनएस)।दुर्ग कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अभिजीत सिंह द्वारा दुर्ग जिला मुख्यालय के प्रमुख मार्गो राजनांदगांव - पुलगांव - दुर्ग मुख्य मार्ग पर गंजपारा चौक से मालवीय नगर चौक तक, जेआरडी स्कूल से दुर्ग सेंट्रल जेल के मुख्य गेट तक, कब्रिस्तान से केंद्रीय विद्यालय, आरटीओ कार्यालय, खालसा स्कूल होते हुए मालवीय नगर चौक तक एवं सुराना कॉलेज से मानस भवन मार्ग से चर्च चौक तक इन सभी प्रमुख मार्गों पर अथवा उनके किनारे किसी भी राजनीतिक, सामाजिक, व्यवसायिक अथवा कर्मचारी संगठन आदि के द्वारा धरना / प्रदर्शन / रैली / सभा / जुलूस आदि का आयोजन अथवा इन स्थलों पर टेबल, कुर्सी, फर्नीचर, टेंट, शामियाना, माइक, साउंड सिस्टम आदि लगाना अथवा भीड़ एकत्रित करने को पूर्णत प्रतिबंधित किया गया है। इन सभी स्थलों पर लाउडस्पीकर अथवा सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (पुलिस / प्रशासन को छोड़कर) अथवा अन्य तेज ध्वनि उत्पन्न करने वाले यंत्रों का उपयोग भी प्रतिबंध रहेगा।
विशेष परिस्थितियों में इस प्रकार के आयोजन की अनुमति देने के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी दुर्ग शहर (SDM City) को अधिकृत किया गया है। ऐसी अनुमति के लिए आवेदन समस्त विवरण का उल्लेख करते हुए आयोजन तिथि से कम से कम एक सप्ताह पूर्व एसडीएम दुर्ग शहर को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। परिस्थितियों के आधार पर अनुमति विभिन्न शर्तों को निर्धारित करते हुए दी जाएगी तथा उनका पालन अनिवार्य होगा। यदि शर्तों का उल्लंघन पाया गया तो अनुमति स्वत: निरस्त मानी जाएगी जैसे कि कभी वह अनुमति जारी ही ना की गई हो। इस प्रकार जारी अनुमति भी पूर्णतः प्राविधिक होगी एवं किसी भी समय बिना कारण बताएं निरस्त की जा सकेगी।
आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है एवं इसका उल्लंघन किए जाने की स्थिति में मौके पर लगाए गए टेंट, शामियाना, फर्नीचर, साउंड सिस्टम, लाउडस्पीकर, बैनर तथा अन्य सामग्री की ज़ब्ती की जाएगी एवं उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों और संस्था पदाधिकारी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223, 125 ,126, 285 तथा अन्य सुसंगत कानून एवं धाराओं के अंतर्गत अभियोजन संस्थित किया जाएगा।
जिला अस्पताल शैक्षणिक संस्थानों शासकीय कार्यालय के द्वारा किया गया था अनुरोध
उल्लेखनीय है कि जिले के इन प्रमुख मार्गों पर विभिन्न शासकीय कार्यालय यथा जिला पंचायत, जीएसटी, वन विभाग, परिवहन विभाग, विद्युत विभाग, श्रम विभाग, सेंट्रल जेल, महिला एवं बाल विकास विभाग, आदिवासी विकास विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, पंजीयन कार्यालय, नगर निगम, जिला कलेक्टर कार्यालय, जिला न्यायालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित है। साथ ही उक्त मार्ग पर लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह भी स्थित हैं तथा दुर्ग का जिला अस्पताल भी इसी मार्ग पर स्थित है।
विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक, व्यवसायिक एवं कर्मचारी संगठनों द्वारा समय-समय पर धरना प्रदर्शन जुलूस रैली आदि के आयोजन से बड़ी संख्या में भीड़ एकत्रित होने की घटनाएं हुई हैं। जिससे शैक्षणिक संस्थानों में अध्यनरत विद्यार्थियों के शैक्षणिक कार्य में व्यवधान उत्पन्न हुआ है तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा भी प्रभावित हुई है। साथ ही जिला अस्पताल जो दुर्ग का प्रमुख अस्पताल है तथा वहां पर संपूर्ण जिले एवं संपूर्ण संभाग के मरीज भर्ती होते हैं उनको भी असुविधाएं होती हैं। स्वास्थ्य लाभ में बाधा होती है तथा एंबुलेंस का आवागमन भी प्रभावित होता है। साथ ही लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह तथा बैठक कक्ष में समय-समय पर महत्वपूर्ण व्यक्तियों का आगमन होता रहता है तथा अत्यंत महत्वपूर्ण बैठकों का भी आयोजन होता है। विभिन्न धरना, प्रदर्शन, रैली, जुलूस आदि से न केवल बैठकों की व्यवस्था बाधित होती बल्कि अति महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। इसी मार्ग पर नगर निगम का बस स्टैंड भी है, जिनका आवागमन भी धरना प्रदर्शन रैली आदि से बाधित होता है, जिससे यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता था।
उक्त समस्त विभागों एवं शैक्षणिक संस्थाओं के प्रमुख अधिकारियों एवं प्राचार्य के द्वारा कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी से इस प्रकार के रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन आदि पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया था जिसकी पुष्टि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग के द्वारा भी की गई। जिसके आधार पर संज्ञान लेते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत उपरोक्त प्रतिबंधात्मक आदेश जिला दंडाधिकारी दुर्ग के द्वारा जारी किया गया है।
धरना प्रदर्शन हेतु तितुरडीह में स्थल चिन्हित
धरना प्रदर्शन हेतु नगर निगम दुर्ग के जल शोधन संयंत्र के सामने स्थित नगर निगम दुर्ग द्वारा निर्मित रिक्त परिसर तितुरडीह नजूल शीट क्रमांक 90 के प्लॉट नंबर 7/2 को नियत किया गया है। उक्त स्थल को धरना प्रदर्शन हेतु उपयुक्त पाया जाकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग, अनुविभागीय दंडाधिकारी दुर्ग, तथा नगर निगम दुर्ग द्वारा अनुशंसा की गई थी।
उल्लेखनीय है कि रायपुर जिले में भी लगभग 4 वर्ष पूर्व शहर के सघन इलाके में लगातार होने वाले धरना प्रदर्शन को देखते हुए धरना प्रदर्शन स्थल के रूप में नया रायपुर स्थित तूता के मैदान को चिन्हित किया गया था। उसी तर्ज पर दुर्ग मुख्यालय स्थित उपरोक्त भूमि को धरना प्रदर्शन हेतु उपयुक्त पाया गया है जिसके आधार पर उक्त स्थल को समस्त प्रकार के धरना प्रदर्शन स्थल हेतु चिन्हित किया गया है। इस संबंध में विगत दिनों विभिन्न राजनीतिक सामाजिक संगठनों की भी बैठक आयोजित की गई थी जिसमें प्राप्त सुझावों के आधार पर उपरोक्त अनुसार कार्यवाही की गई है।
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