एमसीबी (वीएनएस)। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत स्वीकृत एवं पूर्ण हो चुकी सड़कों का भौतिक निरीक्षण किया। उन्होंने जिले के दूरस्त विकास खण्ड भरतपुर पहुंचकर सड़क निर्माण की गुणवत्ता, विभिन्न परतों की मोटाई और कार्य की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, एसडीएम एस. शेखर मिश्रा, तहसीलदार नीरज कांत तिवारी, पीएमजीएसवाय के कार्यपालन अभियंता मोती राम सिंह, एसडीओ विमल शर्मा एवं सब-इंजीनियर उपस्थित रहे।
कोईलरा- कुरकुट्टी खालेपारा सड़क की परतों की मौके पर जांच :
कलेक्टर ने सबसे पहले कोईलरा पीएमजीएसवाय रोड से कुरकुट्टी खालेपारा वाया तोजा सड़क का निरीक्षण किया। इस सड़क की कुल लंबाई 7.03 किलोमीटर है और इसके निर्माण के लिए 401.60 लाख रुपए की अनुबंधित राशि निर्धारित थी। सड़क निर्माण कार्य 31 मार्च 2026 को पूर्ण किया गया है।
निरीक्षण के दौरान सड़क की वास्तविक गुणवत्ता जांचने के लिए चैनेज 150 मीटर पर पिट लगाकर विभिन्न निर्माण परतों की मोटाई की जांच की गई। जांच में MSS लेयर की स्वीकृत मोटाई 20 एमएम के विरुद्ध मौके पर 25 एमएम पाई गई। इसी तरह WBM लेयर की स्वीकृत मोटाई 150 एमएम के मुकाबले 170 एमएम तथा GSB लेयर की स्वीकृत मोटाई 150 एमएम के मुकाबले 160 एमएम मिली।
मौके पर की गई जांच में सड़क की सभी प्रमुख परतों की मोटाई निर्धारित स्वीकृत मापदंड के अनुरूप पाई गई। इससे निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों के पालन की स्थिति का भी अवलोकन किया गया।
सिंगरौली-पुरहनिया पारा सड़क का भी किया निरीक्षण
इसके बाद कलेक्टर ने सिंगरौली से पुरहनिया पारा तक निर्मित पीएमजीएसवाय सड़क का भी भौतिक निरीक्षण किया। इस सड़क की लंबाई 2.025 किलोमीटर है तथा निर्माण कार्य के लिए 125.14 लाख रुपए की अनुबंधित राशि निर्धारित की गई थी। सड़क का निर्माण कार्य 31 दिसंबर 2025 को पूर्ण हुआ था।
कलेक्टर ने सड़क की सतह, निर्माण की स्थिति एवं गुणवत्ता का मौके पर अवलोकन किया। अधिकारियों से सड़क निर्माण से संबंधित आवश्यक जानकारी लेते हुए उन्होंने कार्य की वर्तमान स्थिति की भी जानकारी प्राप्त की।
गुणवत्ता जांच में दोनों सड़कें संतोषजनक :
निरीक्षण के दौरान दोनों सड़कों की निर्माण गुणवत्ता संतोषजनक एवं निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप पाई गई। कलेक्टर ने सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्मित सड़कों की गुणवत्ता और टिकाऊपन पर विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि लोगों को लंबे समय तक सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी और तकनीकी मानकों के अनुसार कार्य सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मौके पर मौजूद पीएमजीएसवाय के अधिकारियों ने सड़क निर्माण से संबंधित तकनीकी जानकारी कलेक्टर को उपलब्ध कराई।
कलेक्टर के इस भौतिक निरीक्षण से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की प्रत्यक्ष निगरानी के साथ-साथ मौके पर तकनीकी मानकों की जांच को भी बल मिला है।
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