दो वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय श्रमिक पंजीयन कार्डों के नवीनीकरण के लिए पोर्टल पुनः खुला

Posted On:- 2026-09-01




अम्बिकापुर (वीएनएस)। श्रम पदाधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा पिछले 02 वर्ष या उससे अधिक समय से निष्क्रिय (बंद) पड़े श्रमिक पंजीयन कार्डों के नवीनीकरण हेतु पोर्टल पुनः खोल दिया गया है। इस हेतु नजदीकी चॉइस सेंटर (CSC), श्रम सुविधा केंद्र, विशेष शिविरों में पंजीयन करा सकते हैं। इस हेतु आवश्यक दस्तावेज पुराना श्रमिक कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और लाइव फोटो है। 

उन्होंने बताया कि कार्ड रिन्यू होते ही छात्रवृत्ति, प्रसूति सहायता, नोनी सशक्तिकरण और सियान सहायता तथा श्रमिक पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ पुनः मिलने लगेगा। सभी पात्र निर्माण श्रमिकों से तुरंत नवीनीकरण कराने अपील की गई है।




Related News
thumb

जन्माष्टमी एवं गणेशोत्सव को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा कलेक्टर-एसपी ...

आगामी जन्माष्टमी एवं गणेशोत्सव को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने तथा जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए...


thumb

नशामुक्ति और पोषण का संदेश लेकर युवाओं ने लिया स्वस्थ एवं जिम्मेदार...

युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा पोषण के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आज स्वर्गीय छोटेला...


thumb

अजीम प्रेमजी छात्रवृत्ति के लिए धमतरी जिले में 3 हजार से अधिक छात्र...

अजीम प्रेमजी छात्रवृत्ति योजना के तहत धमतरी जिले में इस वर्ष छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के लिए 3 हजार से अधिक आवेदन प्रस्तुत किए गए हैं।...


thumb

पीढ़ियों से संरक्षित ‘चिरपोटी टमाटर’ को मिली कानूनी पहचान

जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम गुहनानाला के किसान बंसी लाल सोरी द्वारा पीढ़ियों से संरक्षित स्थानीय एवं पारंपरिक ‘चिरपोटी टमाटर’ किस्म को पौधा किस...


thumb

पिता के निधन के तीन माह से भी कम समय में बेटी को मिली अनुकंपा नियुक्ति

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी सेवा शर्तों एवं शासन के प्रचलित निर्देशों के अनुरूप जिला पंचायत धमतरी ने मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित का...


thumb

नेपाल बाढ़ आपदा से प्रभावितों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित

नेपाल बाढ़ आपदा प्रभावितों के लिए कलेक्टर के अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर कलेक्टोरेट में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में...