सीडब्लूसी की बैठक में राहुल गांधी को सही साबित करने का प्रयास

Posted On:- 2026-09-29




सुनील दास

कांग्रेस सीडब्लूसी की बैठक में कांग्रेस नेताओं ने जो कुछ कहा है उसमें कुछ भी नया है।सबकुछ राहुल गांधी पहले ही कह चुके हैं और राहुल गांधी ने जो कुछ कहा है उसे सीडब्लूसी की बैठक में दोहराया गया है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को गलत साबित करने के लिए राहुल गांधी को सही साबित करने का प्रयास किया गया है।कांग्रेस नेताओं की परेशानी यह है कि उनके पास पिछले तीन चुनाव से लोकसभा चुनाव में जीत दिलाने वाला नेता जीत नही दिला पा रहा है। इसके लिए कांग्रेस के वह नेता भी दोषी हैं जो राहुल गांधी के आसपास हैं.कोई भी चुनाव जिताना पार्टी से सबसे बड़े नेता और उनके सिपहसालारों की होती है।कांग्रेस में पहले सबसे बड़ा नेता उसके आसपास के लोग ही पार्टी को चुनाव जिताया करते थे।तब उनके सामने कोई ऐसा नेता नहीं होता था जिस पर जनता कांग्रेस नेताओं से ज्यादा भरोसा करे,इसलिए जनता कांग्रेस को चुनाव जिता दिया करती थी।
आज कांग्रेस के सबसे  बड़े नेता राहुल गांधी उनके सिपहसालारों के सामने मोदी और उनके सिपहसालार है जिन पर जनता कांग्रेस के राहुल गांधी व उनके सिपहसालारों से ज्यादा भरोसा कऱती है।कांग्रेस के चुनाव हारने की यही वजह है कि जनता उस पर पहले की तरह भरोसा नहीं करती  है और पीएम मोदी व भाजपा पर जनता ज्यादा भरोसा करती है।इसके लिए जितने जिम्मेदार राहुल गा्ंधी है, उतने ही जिम्मेदार उनके आसपास के सिपहसालार है।यह उऩकी सामूहिक हार है।इसे सामूहिक रूप से स्वीकार इसलिए नहीं किया जाता है तो क्योंकि हार स्वीकारने का मतलब होता है कि आप जिस पद पर हो, उस पद के लायक नहीं हो। राहुल गांधी व कांग्रेस नेताओं को अपने घोषित व अघोषित पद पर बने रहना है तो जरूरी है कि वह अपनी सामूहिक हार को न स्वीकारे और हार का कारण किसी दूसरी संस्था या किसी व्यक्ति को बताया जाए।
सीडब्लूसी की बैठक में यही किया गया है।अबतक मुख्य चुनाव आयुक्त राहुल गांधी व कांग्रेस नेताओं के निशाने पर थे,लेकिन सीडब्लूसी की बैठक में जो कुछ कहा गया है इससे साफ हो जाता है कि अब कांग्रेस के मुख्य टारगेट पीएम मोदी है। कांग्रेस के पास न तो मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कोई सबूत है और न ही पीएम मोदी के खिलाफ कोई सबूत है।वह हवा हवाई आरोप लगाती रही है और हवा हवाई आरोप आगे भी लगाती रहेगी।इसलिए वह जो चाहती है मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा,पीएम पद से हट जाए. यह तो होने वाला नहीं है।कांग्रेस खुद तो मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कुछ कर नही सकती।यानी उन्हें हटाने के लिए महाभियोग भी लाएगी तो वह पारित नहीं करा सकती। यानी पूरे विपक्ष को एकजुट कर ले तो भी वह मुख्य चुनाव आयुक्त का कुछ बिगाड़ नहीं सकती। कोर्ट वह जा नहीं सकती तो उसके लिए सुविधा की राजनीति यही है कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ बयान देती रहे, गिरफ्तारी की मांग करती रहे, पीएम से कार्रवाई की मांग करती रही।
सीडब्लूसी की बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल का यह कहना वोटर लिस्ट में हेरफेर और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) में गड़बड़ियों के आरोपों के बीच उन्हें प्रधानमंत्री बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। दो चुनाव आयुक्तों ने ECI के कामकाज और फैसलों के बारे में कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा था, और इस मामले की जानकारी प्रधानमंत्री को भी है। वेणुगोपाल ने ज़ोर देकर कहा कि इस मामले में दखल देना प्रधानमंत्री की ज़िम्मेदारी है।इससे साफ हो जाता है कि कांग्रेस कितना भी हल्ला गुल्ला कर ले वह कुछ कर नहीं सकती है। वह ज्यादातर चुनावों में हार से निराश,हताश और असहाय हो गई है, उसके हाथ में कुछ नहीं है।वह एक ही काम अच्छे से कर सकती है राहुल गांधी कितनी भी गलती करें, कितने भी चुनाव में कांग्रेस को जिता न सकें लेकिन राहुल गांधी की तारीफ करना और बताना राहुल गांधी कभी कोई गलती नहीं करते हैं।
इसका उदाहरण है वेणुगोपाल यह कहना कि लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद गांधी पिछले 18-19 महीनों से लगातार सबूत पेश कर रहे हैं।हकीकत यह है कि कांग्रेस नेता जिसे सबूत मानते हैं वह सबूत होते तो कांग्रेस व राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट जाते, नहीं गए इसीलिए कि जिसे वह गड़बड़ी का सबूत मानते हैं, वह गड़बड़ी का सबूत हैं ही नहीं.।वेणुगोपाल ने इंडियन नेशनल कांग्रेस के 1930 के लाहौर अधिवेशन का भी ज़िक्र किया और ब्रिटिश शासन के ख़िलाफ़ आंदोलन के दौरान 'पूर्ण स्वराज' (पूरी आज़ादी) की मांग को याद करते हुए बताने की कोशिश की कि कांग्रेस के जैसे नेता अंग्रेजो के वक्त हुआ करते थे,कांग्रेस के वैसे ही नेता राहुल गांधी है।तब के नेताओं ने पूर्ण स्वराज्य के लिए आंदोलन किया था,आज राहुल गांधी लोकतंत्र,संविधान की रक्षा के लिए वैसा ही काम कर रहे हैं।
राहुल गांधी व कांग्रेस नेताओं की बड़ी कमजोरी यह भी है कि यह जनता के बीच जाकर ऐसा कुछ करते नही है, ऐसा कुछ कहते नहीं है कि जनता को यकीन आए यह जो कह रहे हैं सच कह रहे हैं,यह जो कर रहे हैं,ठीक कर रहे हैं। वह कहते हैं कि वोट चोरी हाे रहा है और वोट चोरी के कारण कांग्रेस हार रही है,भाजपा जीत रही है.वह कहते हैं मतदाता सूची से लोगों के नाम काटे जा रहे हैं,चुनाव में पहले से ज्यादा लोग वोट कर रहे हैं.वह कहते हैं कि चुनाव में गड़बड़ी हो रही है लेकिन कहीं भी दोबारा चुनाव पहले की तरह कराना नहीं पड़ रहा है।पहले एक चुनाव आयुक्त मनमानी करता था, अब तीन चुनाव आयुक्त हैं इसीलिए हैं कि कोई मनमानी न कर सके।मनमानी का आरोप है तो कोई सबूत भी होना चाहिए। कांग्रेस आरोप के साथ सबूत पेश नहीं करती है इसलिए उसके आरोपों पर जनता यकीन नहीं करती है.



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