नई दिल्ली(वीएनएस)।कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ इंडिया गठबंधन का विरोध प्रदर्शन तय समय पर होगा। लोकतंत्र और मतदान अधिकारों की रक्षा के इस आंदोलन को उन्होंने दूसरा स्वतंत्रता संग्राम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस बल की तैनाती और छापेमारी करके विपक्ष के इस एकजुट प्रदर्शन को दबाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने रविवार को कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ 12 अक्टूबर को नयी दिल्ली में विपक्ष का बड़ा विरोध प्रदर्शन तय कार्यक्रम के अनुसार होगा और उन्होंने लोकतंत्र तथा मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए इस आंदोलन को ‘‘दूसरा स्वतंत्रता संग्राम’’ बताया। सोमवार को कांग्रेस, पूरा ‘इंडिया’ गठबंधन और देश के युवा ‘‘वोट चोरी’’ के आरोपों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए एक बार फिर बड़ी संख्या में दिल्ली की सड़कों पर उतरेंगे।
वेणुगोपाल ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि पार्टी कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचने से रोकने की कोशिश की जा रही है और उन जगहों पर छापे मारे जा रहे हैं, जहां वे ठहरे हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह सब करने के बावजूद वे हमारे आंदोलन को विफल नहीं कर पाएंगे। कल दिल्ली में और भी जोरदार संघर्ष होगा। विपक्ष एकजुट है और एक इकाई के रूप में साथ खड़ा है।’’
मौजूदा आंदोलन को देश के लोकतांत्रिक भविष्य की लड़ाई बताते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि यह केवल विरोध प्रदर्शन या प्रतिरोध नहीं, बल्कि नागरिकों के मतदान के अधिकारों की रक्षा का संघर्ष है। उन्होंने कहा, ‘‘यह देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए सबसे सशक्त संघर्ष है। यह देश के मतदाताओं के मतदान के अधिकार को बनाए रखने की लड़ाई है।’’ वेणुगोपाल ने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार नागरिकों के अस्तित्व का मूल आधार है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया।
वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘भारत के सभी विपक्षी दल एकजुट हो गए हैं और सभी संगठन साथ आ गए हैं। एक ऐसा संघर्ष हो रहा है, जिसे दूसरा स्वतंत्रता संग्राम कहा जा सकता है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया जा रहा है तथा विभिन्न राज्यों से सुरक्षाबल बुलाए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया, ‘‘यह किसलिए है? युद्ध के लिए। और यह युद्ध किसके साथ है? भारत के नागरिकों और आम लोगों के साथ।’’
‘इंडिया’ गठबंधन के पहले के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने का जिक्र करते हुए वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया था। उन्होंने दावा किया कि लोगों को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए दिल्ली में छात्रावासों और निजी आवासों पर छापे मारे जा रहे हैं।
वेणुगोपाल ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रेनों को रद्द किए जाने से राष्ट्रीय राजधानी की यात्रा करने वाले आम लोगों को परेशानी हुई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इन उपायों के बावजूद अपना आंदोलन जारी रखेगा और असहमति की आवाज को दबाने की कोशिशें लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की रक्षा के उनके अभियान को विफल नहीं कर पाएंगी।
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