बालोद (वीएनएस)। शासन द्वारा कृषि और कृषकों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे ऐतिहासिक निर्णयों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। गन्ने के समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि ने जिले के गन्ना उत्पादक किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर उनके चेहरों पर विश्वास की चमक ला दी है। जिले के ग्राम सोहतरा के कृषक मनोहर लाल सिन्हा की सफलता की दास्तान बताती है कि शासन की संवेदनशील नीतियों ने किस प्रकार अन्नदाताओं की मेहनत का वाजिब सम्मान लौटाया है।
शक्कर कारखाने की स्थापना से ही लगातार कर रहे हैं गन्ने की खेती, दूसरे किसानों को कर रहे प्रेरित
ग्राम सोहतरा के मनोहर लाल सिन्हा ने बताया कि जब से क्षेत्र में शक्कर कारखाना स्थापित हुआ है, तब से वे लगातार गन्ने की खेती करते आ रहे हैं। उन्होंने कभी गन्ने की खेती से नाता नहीं तोड़ा और उनका हमेशा से यह दृढ़ संकल्प रहा है कि वे गन्ने की फसल ही लेंगे। वे अपने साथी कृषकों को भी सदैव प्रेरित करते हैं कि ’गन्ना खेती में सचमुच दम है’।
धान की तुलना में कम मेहनत और सुरक्षित फसल
गन्ने की खेती के फायदे गिनाते हुए सिन्हा ने बताया कि एक बार बुआई करने के बाद इसमें 03 से 04 महीने ही मुख्य रूप से मेहनत करनी पड़ती है, इसके बाद अगले 06 महीने तक फसल को बहुत अधिक देखरेख की आवश्यकता नहीं होती। कटाई के समय सीधे खेत से गन्ना कारखाने पहुंच जाता है और किसानों के खाते में समय पर भुगतान आ जाता है। उन्होंने धान की खेती से तुलना करते हुए बताया कि धान में माहू, कटवा, उकसा जैसी तमाम बीमारियों और कीटों का लगातार खतरा बना रहता है, जहां एक चूक से पूरी फसल बर्बाद हो सकती है। वहीं दूसरी ओर गन्ने की फसल प्राकृतिक रूप से अधिक मजबूत होती है और विपरीत परिस्थितियों को भी आसानी से सहन कर लेती है, जिससे नुकसान का जोखिम न के बराबर रहता है।
बढ़े हुए मूल्य से घाटे की आशंका खत्म
मनोहर लाल सिन्हा ने बताया कि संवेदनशील राज्य सरकार द्वारा गन्ने के मूल्य में की गई संतोषजनक वृद्धि से किसानों को बहुत बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि जो खेती पहले घाटे की ओर जाती दिख रही थी, अब दर बढ़ने से किसानों की जेब में सीधा मुनाफा आ रहा है। आने वाले दीपावली त्यौहार को वे अपने परिवार और बच्चों के साथ बेहद उल्लास और प्रसन्नतापूर्वक मनाएंगे।
कृषक मनोहर लाल सिन्हा ने किसानों की पीड़ा और कठिन समय को समझते हुए गन्ना मूल्य वृद्धि का त्वरित निर्णय लेने पर प्रदेश सरकार का स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए हार्दिक आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी कर अन्नदाताओं का भरोसा और आत्मसम्मान बढ़ाया है।
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