दंतेवाड़ा (वीएनएस)। जिले के वनांचल स्थित ग्रामों में स्वास्थ्य सुविधाओं के निर्बाध संचालन के लिए प्रतिबद्व जिला प्रशासन के सफल प्रयासों की कड़ी में आज ब्लाक कुआकोंडा के संवेदनशील ग्राम पोटाली में निर्मित नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केन्द्र) का नाम भी जुड़ गया है। जो निःसंदेह इन बीहड़ वनों में निवासरत ग्रामीणों के लिए अत्यंत राहत का सबब है। यह राज्य शासन की उस मंषा को पूर्ण करने का सुखद सोपान है, जो हाषिये में खडे़ समुदायों की स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर पहुंच की पूर्ण गांरटी देती है।
आज इस नवनिर्मित आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केन्द्र) शुभारंभ अवसर पर यहां पहुंचे क्षेत्र के विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि ग्राम पोटाली में प्रारंभ होने वाले उप स्वास्थ्य केन्द्र के बनने से ना केवल ग्राम पोटाली के ग्रामीण बल्कि ग्राम नहाड़ी और मुलेर ग्रामों के ग्रामीण भी चिकित्सा सुविधा से लाभान्वित होगें। उन्होंने कहा कि इस स्वास्थ्य केन्द्र को आने वाले समय अन्य आधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। ताकि स्थानीय लोगों का अपने घर के नजदीक ही उपचार संभव हो सके। इस मौके पर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि इस दूरस्थ ग्राम में उप स्वास्थ्य केन्द्र प्रारंभ होना एक बड़ी उपलब्धि है। अब यहां के स्थानीय निवासियों को तुरंत उपचार के लिए दूर स्वास्थ्य केन्द्रों में नहीं जाना पडे़गा। उप स्वास्थ्य केंद्र में सभी नियमित प्राथमिक स्वास्थ्य जांच,मौसमी बीमारी के उपचार, दवाइयों की उपलब्धता, पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ की सुनिश्चितता के साथ-साथ सभी प्रकार के चिकित्सा टेस्ट कराने के अलावा गंभीर मरीजों को आगे जिला चिकित्सालय रिफर करने के सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस दौरान जनप्रतिनिधि सहित पुलिस अधीक्षक गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, एडिशनल एसपी स्मृतिक राजनाला एवं अन्य ग्रामीण जन भी मौजूद थे।
ग्राम पोटाली में नए उप स्वास्थ्य के प्रारंभ होने के पीछे की कठिनाइयों भरी पृष्ठभूमि :
कुल मिलाकर पूर्व माओवाद ग्रस्त संवेदनशील ग्राम पोटाली में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केन्द्र) का प्रारंभ होना इतना भी आसान नहीं था। कभी माओवाद का खौफ तो भौगोलिक परिस्थिति इस स्वास्थ्य केन्द्र के प्रारंभ होने में हमेशा रोड़ा बनती रही है। पूर्व वर्षों की बात करें तो 2004-05 में एसएचसी पोटाली का निर्माण 2004-05 में एनएमडीसी द्वारा किया गया था, लेकिन चल रहे सलवा जुडूम और नक्सलियों के भारी प्रतिरोध के कारण, इमारत का उपयोग नहीं किया जा रहा था। एसएचसी पोटाली से स्वास्थ्य सेवाएं किकरी पारा में स्थित 2 कमरे की इमारत से प्रदान की जा रही थी। जो पोटाली गांव से लगभग 10 किमी दूर है। इसके अलावा, निकटतम स्वास्थ्य सुविधा 7 किमी (एएएम एसएचसीअरनपुर) और 18 किमी (समेली में स्थित पीएचसी पोटाली) था। इन वर्षों में क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक तत्वों ने इस स्वास्थ्य केंद्र की दीवार पर संदेश लिखकर इस भवन का उपयोग नहीं करने की धमकी भी दी थी।
तत्पश्चात स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्थानीय ग्रामीणों को विश्वास में लेकर वित्त वर्ष 2021-22 में एसएचसी पोटाली को एचडब्ल्यूसी उन्नयन के तहत लिया गया था। जिला स्वास्थ्य टीम जिसमें जिला आरएमएनसीएचए सलाहकार, जिला मीडिया अधिकारी और डब्ल्यूएचओ सलाहकार शामिल थे। उन्होंने पोटाली सेक्टर एमओ प्रभारी के साथ इस भवन के संचालन की व्यवहार्यता को समझने के लिए पोटालीगांव का दौरा किया। यहां के ग्रामीणों ने भी स्वास्थ्य केन्द्र की आवश्यकता स्वीकार करते हुए उनसे स्वास्थ्य केन्द्र को प्रारंभ करने का आग्रह किया। उन्होंने स्वास्थ्य टीम को बताया कि उन्हें अपने इलाज और दवा के लिए अनथक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अगर स्थानीय लोगों को मामूली दर्द निवारक दवाएं की भी जरूरत पड़ जाए तो भी उन्हें नंगे पैर एचडब्ल्यूसी अरनपुर जाना पड़ता है। जो लगभग 7 किमी दूर पर स्थित है। इसके पश्चात जिला स्वास्थ्य टीम ने अंतर विश्लेषण कर जिन्होंने 07 जून 2022 को जिला कलेक्टर के समक्ष इसका प्रस्ताव दिया गया।
जिला स्वास्थ्य टीम के इस अक्रियाशील भवन को चालू करने का निर्णय के फलस्वरूप ग्रामीणों और पोटाली सेक्टर एमओ प्रभारी के सक्रिय सहयोग से, आयुष्मान भारत एचडब्ल्यूसी कार्यक्रम के तहत भवन का नवीनीकरण किया गया। इस दौरान भी कई अप्रिय घटनाएं भी हुई जिससे कई महिनों तक काम रुका रहा। इस नवीनकरण के तहत उप स्वास्थ्य केन्द्र में बाउंड्री वाल (सीमेंट),बिजली कनेक्शन (मीटर), पानी (ट्यूब बेल),अस्पताल में टाइल्स,प्रशव कक्ष में बेसिन - 01नग,ओ०पी०डी० में बेसिन,डीप पीठ शार्प पीठ,योगा शेड,पानी का कनेक्शन अस्पताल में पानी टंकी,अस्पताल परिसर में फ्लोरिंग,खिड़की में एल्यूमीनियम स्लाईडर,रेसीडेंस में शौचालय के तरफ शेड का निमार्ण,दरवाजा का मरम्मत,छत के फ्लोरिंग,क्रेडा (सोलर लाइट) की व्यवस्था की गयी है।
बहरहाल आज आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केन्द्र) के शुभारंभ होने पर ग्राम पोटाली के ग्रामीणों का प्रसन्न होने का दिन था और वास्तव में नव वर्ष का पहला दिन उनके लिए स्वास्थ्य सुविधा का नया सौगात लेकर आया।
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