कवर्धा (वीएनएस)। नगर के अशोका पब्लिक स्कूल प्रांगण में बसंत पंचमी का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, उल्लास एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। संपूर्ण विद्यालय परिसर को पीले एवं श्वेत रंगों की सुसज्जित सजावट,पुष्प-मालाओं, रंगोली तथा आकर्षक तोरणों से अलंकृत किया गया,जिससे वातावरण में बसंत की मधुर छटा स्वतःही उतर आई।
कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञान, विद्या और वाणी की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती की प्रतिमा की पूर्ण विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्थापना एवं आरती से हुआ। विद्यालय संचालक पवन देवांगन, श्रीमती सारिका देवांगन तथा एपीएस 1 प्राचार्य एस.एल.नापित और एपीएस सीजी बोर्ड प्राचार्य लोकनाथ देवांगन के दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ पूरा प्रांगण भक्तिरस से सराबोर हो उठा। समस्त वैदिक मंत्रोच्चार विद्यालय संस्कृत आचार्य दीपक मिश्रा द्वारा सम्पन्न कराया गया I कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों,विद्यार्थियों एवं अतिथियों ने माँ सरस्वती से विद्या,विवेक और सद्बुद्धि की कामना की।
इस अवसर पर विद्यालय के संचालक पवन देवांगन महोदय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बसंत पंचमी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल ऋतु परिवर्तन का प्रतीक नहीं,बल्कि ज्ञानार्जन,अनुशासन और नवचेतना के आरंभ का पावन संदेश देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को विद्या को जीवन का आलोक मानते हुए सतत परिश्रम और संस्कारों के पथ पर चलने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना,समूह गीत,कविता पाठ,नृत्य एवं लघु नाट्य की मनोहारी प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों के आत्मविश्वास,सृजनशीलता और मंचीय अनुशासन ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।पूरे क्षेत्र में केवल हमारे विद्यालय में रटने की पद्धति को छोड़ पिक्चर मेथड से बच्चों को स्वयं करके सीखना पर बल दिया जाता हैँ I इसी परम्परा को निभाते हुए विशेष उल्लेखनीय यह रहा कि आज के इस पावन दिवस के उपलक्ष्य में विद्यालय में नवीन शैक्षणिक सत्र हेतु शाला प्रवेश एवं विद्या अध्ययन कार्य का शुभारंभ भी किया गया। नन्हे विद्यार्थियों ने माँ सरस्वती के चरणों में प्रथम अक्षर लेखन कर अपने शैक्षिक जीवन की नई यात्रा आरंभ की,जो समारोह का अत्यंत भावपूर्ण और प्रेरणादायी क्षण रहा।
समारोह का समापन प्रसाद वितरण एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। संपूर्ण आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब शिक्षा,संस्कृति और श्रद्धा एक साथ मिलती हैं,तब विद्यालय केवल अध्ययन का केंद्र नहीं,बल्कि संस्कारों की सजीव पाठशाला बन जाता है।उक्त समस्त जानकारी विद्यालय मिडिया प्रभारी अशोक कुमार इनवाती द्वारा दी गई I
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