एमसीबी (वीएनएस)। जिले में विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTG) के सटीक सर्वेक्षण को लेकर प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में जनपद पंचायत के सभा कक्ष में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मैदानी अमले को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया गया।
प्रशिक्षण की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी वैशाली सिंह ने की। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान पीवीटीजी सर्वे ऐप के माध्यम से सर्वे की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
सर्वे होगा पारदर्शी और त्रुटिरहित :
प्रशिक्षण का उद्देश्य सर्वे प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना रहा, ताकि विशेष पिछड़ी जनजातियों के प्रत्येक परिवार की सटीक जानकारी एकत्रित की जा सके और उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से मिल सके।
ऐप संचालन से लेकर रिपोर्टिंग तक की जानकारी :
विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को ऐप संचालन, डेटा एंट्री, तकनीकी समस्याओं के समाधान और रिपोर्टिंग प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही सर्वे के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी विशेष जोर दिया गया।
सीईओ ने दिए जिम्मेदारी से कार्य करने के निर्देश :
मुख्य कार्यपालन अधिकारी वैशाली सिंह ने कहा कि पीवीटीजी सर्वे शासन की प्राथमिकता वाला महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे इस कार्य को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ करें, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही छूट न पाए।
मुनादी और जनसहभागिता बनेगी सफलता की कुंजी :
प्रशिक्षण में सर्वे कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर जोर दिया गया। साथ ही गांवों में मुनादी के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार और जनसहभागिता बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
स्थानीय सहयोग से मिलेगा अभियान को बल :
कार्यक्रम में बताया गया कि वार्ड स्तर पर मितानिन, पंच और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से सर्वे कार्य को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
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