जिले में नवीन प्रीमियम विदेशी मदिरा दुकान निर्माण को मिली प्रशासनिक स्वीकृति

Posted On:- 2026-04-10




15.20 लाख की राशि मंजूर, चैनपुर में होगा निर्माण

एमसीबी (वीएनएस)। जिले में आधारभूत संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कलेक्टर एवं जिला प्रबंधक, सीएसएमसीएल द्वारा ग्राम पंचायत चैनपुर में नवीन प्रीमियम विदेशी मदिरा दुकान निर्माण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। यह स्वीकृति छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पाेरेशन लिमिटेड, रायपुर के निर्देशों के परिपालन में जारी की गई है।

जारी आदेश के अनुसार, “जिला एमसीबी के ग्राम पंचायत चैनपुर में नवीन प्रीमियम विदेशी मदिरा दुकान निर्माण कार्य” हेतु कुल 15.20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। यह स्वीकृति तकनीकी प्राक्कलन क्रमांक 565, दिनांक 27 जनवरी 2026 के आधार पर दी गई है, जिससे निर्माण कार्य निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप पूरा किया जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह स्वीकृति निर्धारित शर्तों के अधीन होगी। कार्य एजेंसी को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्वीकृत कार्य किसी अन्य योजना में शामिल न हो। यदि यह कार्य किसी अन्य योजना में स्वीकृत या निर्मित पाया जाता है, तो यह प्रशासनिक स्वीकृति स्वतः निरस्त मानी जाएगी।

निर्माण कार्य तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही प्रारंभ किया जाएगा तथा स्वीकृत राशि का पृथक लेखा संधारित किया जाएगा। कार्य निर्धारित प्राक्कलन एवं मापदंडों के अनुरूप ही किया जाएगा। यदि भविष्य में किसी प्रकार की अनियमितता या गुणवत्ताहीन की शिकायत सत्य पाई जाती है, तो संपूर्ण लागत राशि संबंधित एजेंसी से भू-राजस्व की भांति वसूल की जाएगी। निर्माण एजेंसी को आगामी 5 वर्षों तक रखरखाव एवं मरम्मत की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि निर्माण कार्य के लिए चयनित भूमि पूर्णतः विवाद मुक्त होनी चाहिए, अन्यथा स्वीकृति स्वतः निरस्त हो जाएगी।

श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनमें पेयजल व्यवस्था, प्राथमिक उपचार किट, उपस्थिति पंजी संधारण एवं जरूरत पड़ने पर बच्चों के लिए दाई की व्यवस्था शामिल है। मजदूरी का भुगतान न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा। कार्य प्रारंभ से पूर्व स्थल का छायांकन, कार्य लेआउट तथा पूर्णता के पश्चात फोटोग्राफ्स उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। कार्य पूर्ण होने पर परिसंपत्ति पंजी में प्रविष्टि, निरीक्षण विवरण एवं पूर्णता प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा।

इसके अतिरिक्त, उपयोग किए गए खनिज की रॉयल्टी प्रत्येक वित्तीय वर्ष में जमा कराना अनिवार्य होगा तथा अंतिम भुगतान रॉयल्टी प्रमाण पत्र के सत्यापन के पश्चात ही किया जाएगा। निर्माण कार्य की प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक माह की 25 तारीख तक प्रस्तुत करना भी सुनिश्चित किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत राशि का उपयोग केवल निर्धारित निर्माण कार्य के लिए ही किया जाएगा। कार्य पूर्ण होने के बाद यदि कोई राशि शेष रहती है, तो उसे तत्काल संबंधित कार्यालय में जमा कराना होगा।



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