बीजापुर (वीएनएस)। बीजापुर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बन रही सड़कों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है।नेलाकांकेर–कमलापुर सड़क निर्माण में भारी अनियमितताएं उजागर हुई हैं, जिससे पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक,मुख्य ठेकेदार ने काम को पेटी ठेकेदार को सौंपकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। इसके चलते निर्माण कार्य में न तो मानकों का पालन हो रहा है और न ही किसी प्रकार की निगरानी दिखाई दे रही है।
घटिया निर्माण की खुली पोल
जांच में सामने आया है कि पुल निर्माण में निर्धारित 40mm और 20mm गिट्टी की जगह सीधे नदी के बड़े-बड़े बोल्डरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, सीमेंट की मात्रा कम रखकर रेत अधिक मिलाई जा रही है, जिससे निर्माण की मजबूती पर गंभीर असर पड़ रहा है।
इतना ही नहीं, निर्माण के बाद आवश्यक क्युरिंग (पानी से मजबूती देने की प्रक्रिया) भी नहीं की जा रही, जिसके कारण पुलिया कुछ ही दिनों में कमजोर पड़ती नजर आ रही है।
बनते ही दिखने लगी दरारें, हादसे का खतरा
स्थानीय स्तर पर देखा गया कि कई जगहों पर पुलिया और सड़क में निर्माण के तुरंत बाद ही दरारें दिखाई देने लगी हैं। ऐसी स्थिति में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, जिससे आम जनता की जान जोखिम में पड़ सकती है।
कागजों में विकास, जमीन पर भ्रष्टाचार
यह पूरा मामला दर्शाता है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर विकास नदारद है। जनता के टैक्स का पैसा कागजों में सड़क बनाकर हजम किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में घटिया निर्माण कार्य किया जा रहा है।
जिम्मेदारों की चुप्पी पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि इतनी बड़ी अनियमितताओं के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी अब तक चुप क्यों हैं? क्या यह पूरा खेल मिलीभगत से चल रहा है? और आखिर कब तक इस पर कार्रवाई होगी?
सड़क निर्माण कर दौरान गिराए सैकड़ों वृक्ष
पीएमजीएसवाय विभाग के ठेकेदार ने सड़क निर्माण के दौरान पोकलेन मशीन से बेशकीमती सागौन के पेड़ों के अलावा इमारती पेड़ो को भी गिरा दिया।वंही जंगल मे गिरे सागौन के पेड़ो को आग के हवाले कर दिया।जिससे लाखो के सगौन राख में तब्दील हो गए।।
बीजापुर में PMGSY बना भ्रष्टाचार का नया अड्डा
लगातार सामने आ रही शिकायतें यह संकेत दे रही हैं कि बीजापुर में PMGSY अब विकास योजना कम और भ्रष्टाचार का केंद्र ज्यादा बनता जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कब और क्या कार्रवाई करता है।
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