दुर्ग (वीएनएस)। भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के पावन अवसर पर आज प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा न्यायालय परिसर में डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित की गई।
कार्यक्रम के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपने उद्बोधन में डॉ. अंबेडकर के विचारों, उनके संघर्षमय जीवन एवं भारतीय समाज को समानता, न्याय और अधिकारों के प्रति जागरूक करने में उनके अतुलनीय योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर के सिद्धांत आज भी समाज को दिशा प्रदान करते हैं तथा प्रत्येक नागरिक को उनके आदर्शों को आत्मसात कर न्यायपूर्ण समाज की स्थापना में योगदान देना चाहिए।
इस शुभ अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा एक विशेष विधिक जागरूकता अभियान का भी शुभारंभ किया गया। अभियान के अंतर्गत आमजन को उनके विधिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने हेतु प्राधिकरण के पैरालीगल वालेंटियर्स (PLVs) को जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में रवाना किया गया।
आयोजित विधिक साक्षरता शिविरों में पैरालीगल वालेंटियर्स द्वारा आम नागरिकों को निःशुल्क विधिक सहायता, मध्यस्थता, नेशनल लोक अदालत, महिला एवं बाल संरक्षण, श्रमिक अधिकार, तथा सामाजिक न्याय से संबंधित विभिन्न विषयों पर जानकारी प्रदान की गयी। इसके साथ ही आम नागरिकों को उनके अधिकारों के संरक्षण हेतु उपलब्ध कानूनी उपायों के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया गया।
इसी क्रम में, एलएडीसीएस (Legal Aid Defense Counsel System) के काउंसिल द्वारा भी विभिन्न स्थानों पर आयोजित विधिक जागरूकता शिविरों में सक्रिय सहभागिता करते हुए नागरिकों को निःशुल्क विधिक सहायता, आपराधिक मामलों में अधिकार, जमानत प्रक्रिया, विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं एवं अन्य महत्वपूर्ण विधिक प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा दुर्ग, नयापारा, राजीवनगर, विद्यानगर, पंचशील नगर रिसाली, चांदनी चौक धनोरा, कोड़िया, हनोदा, कोकड़ी, हरदी, नंदिनी, चिंगरी, बीरेझर, अंजोरा, माटरा, धमधा, सहगांव, डोमा, अहरी, सगनी, झिट, तुलसी, कापसी, बेलोदी, बजरंग पारा भिलाई, पुरैना, आदर्श नगर, खुर्सीपार, महमरा, दमोदा, खुड़सुल, सिलोदा आदि स्थानों पर विधिक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा संचालित यह पहल डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के “समानता एवं न्याय” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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