पुडुचेरी (वीएनएस)। पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का नेतृत्व कर रहे एन आर कांग्रेस के संस्थापक-अध्यक्ष एन रंगासामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। लगातार दूसरी बार गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे श्री रंगासामी के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। केन्द्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल एन कैलाशनाथन ने यहाँ लोक भवन में आयोजित साधारण शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री सहित नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
श्री रंगासामी के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दल के नेता और पूर्व गृह मंत्री ए नमशिवायम और एन आर कांग्रेस के विधायक मल्लाडी कृष्ण राव ने भी मंत्री के रूप में शपथ ली। यह पांचवीं बार था जब श्री रंगासामी ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पुडुचेरी पर्यवेक्षक मनसुख मंडाविया, भाजपा चुनाव प्रभारी निर्मल कुमार सुराना, अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) और लक्षिया जननायक काची सहित गठबंधन सहयोगियों के नेता और क्षेत्रीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कुल 30 सीटों में से एआईएनआरसी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 18 सीटें जीतीं, जिसमें अकेले एन आर कांग्रेस ने 12 सीटें, भाजपा ने चार और अन्नाद्रमुक तथा लक्षिया जननायक काची ने एक-एक सीट जीती, जबकि विपक्षी कांग्रेस- द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) गठबंधन ने छह सीटें जीतीं, जिनमें द्रमुक ने पांच और कांग्रेस ने एक सीट हासिल की। शेष छह सीटों पर टीवीके और उसके सहयोगियों तथा निर्दलीयों ने जीत दर्ज की।
नौ अप्रैल के चुनावों में श्री रंगासामी ने दो सीटों से जीत हासिल की-अपने गढ़ थट्टनचावडी से, जहाँ उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और अपने प्रतिद्वंद्वी वी वैथिलिंगम को हराया, जो लोकसभा सांसद भी हैं, तथा मंगलम निर्वाचन क्षेत्र से भी उन्होंने जीत दर्ज की। अब मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद वह जल्द ही इनमें से एक सीट से इस्तीफा दे देंगे।
श्री रंगासामी अतीत में अपनी मूल पार्टी कांग्रेस में रहने के दौरान भी मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। वर्ष 2008 में जब वह कांग्रेस शासन का नेतृत्व कर रहे थे, तब उनके और श्री वैथिलिंगम के बीच मतभेद उभर आए थे, जिसके कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।
दोनों के बीच प्रतिद्वंद्विता कांग्रेस में उनके साथ रहने के दिनों की है जब श्री वैथिलिंगम ने श्री रंगासामी के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया था और सितंबर 2008 में दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में उनके उत्तराधिकारी बने थे।
हालांकि, श्री रंगासामी ने अपनी खुद की पार्टी एन आर कांग्रेस बनाई और 2011 में मुख्यमंत्री बने, इसके बाद 2016 में कांग्रेस से सत्ता हार गए, लेकिन 2021 में फिर से मुख्यमंत्री के रूप में वापसी की और लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए सत्ता बरकरार रखी और आज उन्होंने शपथ ली।
CBSE ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित कर दिया है। लंबे समय से रिजल्ट का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों का इंतजार अब ख...
पश्चिम बंगाल, बिहार समेत 4 राज्यों में सक्रिय एक माओवादी ने मंगलवार को आत्मसमर्पण कर दिया। उसका नाम मधाई पात्रा है। मधाई बिहार, ओडिशा, झारखंड और बं...
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव की मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। इसी बीच...
उड़ान भरने की तैयारी कर रही चेन्नई-अबू धाबी फ्लाइट के यात्रियों को बाद में विमान से उतार दिया गया और एयरबस ए320 (ए6-ईआईटी) विमान को वापस स्टैंड पर ...
समारोह के बाद सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा करते हुए गोर ने कहा कि उन्हें इस अवसर पर गुवाहाटी आमंत्रित किए जाने पर गर्व है। उन्होंने कहा कि संयुक्...