नई दिल्ली(वीएनएस)।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नॉर्वे यात्रा ने भारत और नॉर्वे के संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। ओस्लो में दोनों देशों ने अपने रिश्तों को “हरित रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक पहुंचाने की घोषणा की। यह कदम स्वच्छ ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी, समुद्री अर्थव्यवस्था, अनुसंधान, निवेश और व्यापार के क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग का आधार भी माना जा रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार इस नई साझेदारी से जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित आपूर्ति शृंखला, समुद्री अर्थव्यवस्था और टिकाऊ विकास के क्षेत्रों में सहयोग को रणनीतिक दिशा मिलेगी। नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्तोरे ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ वार्ता के बाद कहा कि भारत और नॉर्वे के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन दोनों देशों को उन ताकतों के खिलाफ साथ खड़ा होना होगा जो कूटनीति, व्यापार और प्रौद्योगिकी का “हथियार” की तरह उपयोग करती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस यात्रा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत और नॉर्वे की साझेदारी अब स्वच्छ ऊर्जा, हरित विकास, हरित नौवहन और समुद्री अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी। उन्होंने इसे दोनों देशों के भविष्य के लिए निर्णायक कदम बताया।
हम आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे यात्रा इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि चार दशक से अधिक समय बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने नॉर्वे का दौरा किया है। ऐसे समय में जब भारत पारंपरिक साझेदारों पर निर्भरता कम कर नए आर्थिक सहयोगियों की तलाश कर रहा है, नॉर्वे एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में उभर रहा है। नॉर्वे का सरकारी पेंशन कोष दुनिया के सबसे बड़े संप्रभु निवेश कोषों में गिना जाता है और पिछले कुछ वर्षों में उसने भारतीय बाजारों में निवेश लगातार बढ़ाया है।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 में भारत में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के मामले में नॉर्वे का हिस्सा 1.95 प्रतिशत था, जो 2025 तक बढ़कर 3.87 प्रतिशत हो गया। महामारी के बाद प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में भी तेजी आई है। भारत को हाल के वर्षों में नॉर्वे से लगभग 693 मिलियन डॉलर का निवेश प्राप्त हुआ है। व्यापार के स्तर पर भी संबंध मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2026 में भारत का नॉर्वे को निर्यात बढ़कर लगभग 472 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जबकि आयात लगभग 635 मिलियन डॉलर रहा।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धियों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग को नया आयाम देना भी शामिल है। वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद और वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान विभाग ने नॉर्वे में पांच महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा, समुद्री ऊर्जा, अपतटीय पवन ऊर्जा, कार्बन नियंत्रण, जैव आधारित प्रौद्योगिकी और भू विज्ञान के क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना है। हम आपको यह भी बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सोमवार को नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से सम्मानित किया गया। मोदी को यह सम्मान भारत-नॉर्वे संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में उनके योगदान और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए दिया गया। यह प्रधानमंत्री को मिला 32वां विदेशी सम्मान है।
कार पर अभियान में सहयोग न करने का आरोप लगाया।
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