वैज्ञानिक पद्धति से कचरे के संग्रहण, प्रसंस्करण एवं निपटान को मिले बढ़ावा :कलेक्टर रोक्तिमा

Posted On:- 2026-06-02




’जिले को स्वच्छ, स्वस्थ कोरिया बनाने में सबका सहयोग जरूरी : सीईओ

कोरिया (वीएनएस)। जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन  नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनजागरूकता के लिए जिला प्रशासन और जिला पंचायत द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

कलेक्टर रोक्तिमा यादव के मार्गदर्शन में सोमवार को कलेक्टरेट सभाकक्ष में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ आशुतोष चतुर्वेदी ने ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 के बारे में अधिकारियों को विस्तार से जानकारी दी गई।

जानकारी दी गई है कि नियमों के प्रभावी अनुश्रवण हेतु मॉनिटरिंग समिति का गठन किया गया है तथा सभी ग्राम पंचायतों एवं जनप्रतिनिधियों तक नियमों की जानकारी पहुंचाई जा रही है।जानकारी के अनुसार एसडब्ल्यूएम नियम-2026 की प्रतियां जिले की सभी ग्राम पंचायतों, जिला पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ-साथ जनपद पंचायतों के जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध करा दी गई हैं। इसके अलावा 16 मई को आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में नियमों का वाचन कर ग्रामीणों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रावधानों की जानकारी दी गई थी।

’कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर रहेगा जोर’ : 

एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के तहत घर-घर स्तर पर कचरे का चार श्रेणियों-गीला, सूखा, सैनिटरी एवं विशेष देखभाल श्रेणी-में पृथक्करण अनिवार्य किया गया है। कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने अधिकारियों से कहा कि नियमों के अनुसार खुले में कचरा फेंकने एवं जलाने पर प्रतिबंध रहेगा तथा वैज्ञानिक पद्धति से कचरे के संग्रहण, प्रसंस्करण एवं निपटान को बढ़ावा मिले, जनजागरूकता के लिए सतत प्रयास हो।

’जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का होगा क्षमता विकास’ : 

जिले में जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों- कर्मचारियों के लिए जागरूकता एवं क्षमता विकास कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। आगामी सप्ताह में नगरीय निकायों के साथ संयुक्त कार्यशाला आयोजित कर नियमों के प्रावधानों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा।

’स्वच्छ और हरित गांव बनाने की दिशा में पहल’ :

एसडब्ल्यूएम नियम-2026 का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार तथा प्रदूषण नियंत्रण है। इसके तहत कम्पोस्टिंग, वर्मी कम्पोस्टिंग, बायोगैस निर्माण, पुनर्चक्रण और संसाधनों के पुनः उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। ग्राम पंचायतों को घर-घर कचरा संग्रहण, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा स्थानीय स्तर पर अपशिष्ट प्रसंस्करण व्यवस्था विकसित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

’जनभागीदारी से मिलेगा अभियान को बल’ : 

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे कचरे का पृथक्करण, घरों में खाद निर्माण तथा स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें।जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति व्यापक जागरूकता विकसित की जाएगी।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रारंभिक कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है तथा आगामी चरणों में विभिन्न हितधारकों को प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कचरे का प्रबंधन स्व विवेक से करने की बजाय नियमों के तहत करें , उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अपने कार्यालयीन परिसर से लेकर घर व आसपास से निकलने वाले कचरे का समुचित प्रबंधन करें ताकि जिले को स्वच्छ, स्वस्थ कोरिया बनाने में सहयोग मिल सकें।



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