फ्रांस ने G-7 शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री मोदी को क्यों किया आमंत्रित?

Posted On:- 2026-06-12




नई दिल्ली(वीएनएस)।फ्रांस में अगले हफ्ते G-7 देशों का शिखर सम्मेलन होने जा रहा है। इसमें शामिल होने के लिए मेजबान फ्रांस ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया है। भारत इस समूह का हिस्सा नहीं है, लेकिन पिछले कई सालों से आउटरीच देश या विशेष मेहमान के तौर पर बुलाया जाता रहा है। ये न्योता भारत-फ्रांस संबंधों के लिए भी अहम है।

आइए जानते हैं फ्रांस ने क्यों प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित किया है।

भारत को क्यों किया गया आमंत्रित?

फर्स्टपोस्ट ने फ्रांसीसी राजनयिक सूत्रों के हवाले से कहा, "भारत को आमंत्रित करने के पीछे 2 मुख्य कारण हैं। पहला यह कि भारत के साथ हमारी साझेदारी में विश्वास का ऐसा स्तर है कि हम दोनों के लिए हर विषय पर बात करना बहुत आसान है। दूसरा- हम इस बात से आश्वस्त हैं कि समूह के वैज्ञानिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जब भारत किसी समस्या का समाधान ढूंढता है, तो वह दुनिया के लिए समाधान होता है।"

सभी सत्रों में हिस्सा लेगा भारत

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत शिखर सम्मेलन के सभी सत्रों में भाग लेगा। आमतौर पर ऐसा मौका कुछ ही गैर-सदस्य देशों को दिया जाता है।सूत्रों के अनुसार, भारत शिखर सम्मेलन के सभी सत्रों में भाग लेगा, लेकिन 'वैश्विक असंतुलन से निपटना' विषय पर एक विशेष सत्र भी होगा, जिसमें भारत, केन्या, दक्षिण कोरिया और ब्राजील जैसे सभी आमंत्रित देश असमानताओं को कम करने पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ आएंगे।

प्रधानमंत्री की यात्रा से '12 उपलब्धियां' हासिल करना चाहता है फ्रांस- रिपोर्ट

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान फ्रांस ने '12 उपलब्धियां' हासिल करने की योजना बनाई है। सूत्रों ने बताया, "यात्रा से पहले इन 12 उपलब्धियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।"हालांकि उन्होंने इनके बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।सूत्र ने कहा, "यह ग्राहक या फायदे का रिश्ता नहीं है, बल्कि बराबरी का है।" इस साझेदारी का मुख्य आधार 'मेक इन इंडिया' पहल है, जिसे भविष्य के रक्षा समझौतों में शामिल किया जाएगा।

सम्मेलन में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

शिखर सम्मेलन में भू-राजनीतिक संकट, आर्थिक सहयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और विकासात्मक साझेदारियों पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है। इसके अलावा आर्थिक असंतुलन, अंतरराष्ट्रीय साझेदारी, ऑनलाइन सुरक्षा, दुर्लभ खनिज और सुरक्षा मुद्दों पर भी चर्चा होगी।पहले सत्र में रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा होगी , जिसमें यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की शामिल होंगे।

ईरान युद्ध पर भी चर्चा होगी, जिसमें मिस्र, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

कैसा होगा प्रधानमंत्री मोदी का फ्रांस दौरा?

मोदी 13-14 जून को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक करेंगे। दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी होने के बाद यह पहली बैठक होगी।प्रधानमंत्री फ्रांस के नीस में 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे, जहां 120 से अधिक भारतीय और फ्रांसीसी स्टार्टअप, निवेशक और तकनीकी कंपनियां हिस्सा लेंगी। फिर G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

प्रधानमंत्री 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा भी पर जाएंगे।



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