सूरजपुर (वीएनएस)। अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर विनीता वार्नर तथा सचिव पायल टोपनो के संयुक्त मार्गदर्शन में मादक पदार्थों के दुरूपयोग एवं अवैध तस्करी के खिलाफ तीन दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान का सफल आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत साधु राम विद्या मंदिर सूरजपुर, डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल विश्रामपुर एवं स्थानीय नशा मुक्ति केंद्र में विभिन्न कानूनी साक्षरता कार्यक्रम संपन्न हुए।
इस वर्ष तीन दिवसीय अभियान का मुख्य फोकस नालसा की ‘डॉन‘ योजना अर्थात ड्रग अवेयरनेस एंड वेलनेस नेविगेशन के प्रभावी क्रियान्वयन एवं इसके मुख्य बिंदुओं से आमजन तथा विद्यार्थियों को अवगत कराना रहा। यह योजना कानूनी जागरूकता, पुनर्वास सहायता एवं त्वरित न्याय के माध्यम से नशा मुक्त भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
अभियान के दौरान साधु राम विद्या मंदिर एवं डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल विश्रामपुर में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यवहार न्यायाधीश (वरिष्ठ श्रेणी) रुचि मिश्रा एवं व्यवहार न्यायाधीश (वरिष्ठ श्रेणी) आशीष भगत द्वारा की गई। न्यायाधीशों ने बच्चों को करियर, स्वास्थ्य एवं समाज पर नशे के घातक असर के बारे में विस्तार से समझाया। इसी क्रम में नशा मुक्ति केंद्र सूरजपुर में आयोजित विशेष सत्र का संचालन पैरा लीगल वॉलेंटियर (पीएलवी) सत्य नारायण ने किया, जहाँ उन्होंने केंद्र में उपस्थित लोगों की काउंसलिंग कर उन्हें पुनर्वास प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान न्यायिक अधिकारियों एवं वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति, परिवार एवं समाज के लिए अत्यंत हानिकारक है तथा इससे हर हाल में दूर रहना होगा। इस अवसर पर विद्यार्थियों को किशोर न्याय अधिनियम की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हुए बच्चों के अधिकारों, उनकी सुरक्षा, संरक्षण एवं कानून द्वारा प्रदान किए गए विभिन्न कल्याणकारी प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया गया। वक्ताओं ने छात्र-छात्राओं को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग एवं जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।
विधिक विशेषज्ञों ने नालसा की ष्डॉनष् योजना के क्रियान्वयन पर जोर देते हुए इसके मुख्य बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत युवाओं को मादक पदार्थों के घातक प्रभावों एवं इसके अवैध व्यापार से जुड़े कड़े कानूनों (एनडीपीएस अधिनियम) की जानकारी देकर मानसिक रूप से मजबूत बनाया जाता है। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से नशा पीड़ितों को निशुल्क कानूनी सहायता एवं सरकारी नशा मुक्ति व पुनर्वास केंद्रों तक सुरक्षित पहुँच सुनिश्चित कराई जाती है। स्वेच्छा से नशा छोड़ने वाले व्यक्तियों का सही मार्गदर्शन करते हुए उनकी पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है, ताकि वे बिना किसी सामाजिक भय के अपना इलाज करा सकें। इसके अतिरिक्त पैरा लीगल वॉलेंटियर्स के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखते हुए पीड़ितों की काउंसलिंग कर उन्हें विधिक सहायता पहुँचाई जाती है।
इस अवसर पर साधु राम विद्या मंदिर से डायरेक्टर राहुल अग्रवाल, प्राचार्य प्रभाकर उपाध्याय, उप प्राचार्य दीन दयाल तिवारी एवं समस्त शिक्षकगण, डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल से प्राचार्या अंबिका भारती एवं शिक्षकगण, तथा नशा मुक्ति केंद्र से प्रभारी अधीक्षक रामलाल यादव, अनिल साहू, अविनाश रजवाड़े एवं पीएलवी चिरंजीव राजवाड़े उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को जीवन में कभी भी नशे के रास्ते पर न चलने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में अपना सक्रिय योगदान देने का संकल्प दिलाया गया।
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