जशपुरनगर (वीएनएस)। खरीफ सीजन के मद्देनजर कलेक्टर रोहित व्यास ने विगत दिवस दुलदुला स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति का निरीक्षण कर खाद-बीज की उपलब्धता, कृषि ऋण वितरण तथा किसानों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर खेती-किसानी की तैयारियों की जानकारी ली तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा यूरिया वितरण व्यवस्था में किए गए महत्वपूर्ण बदलाव से अवगत कराया।
यूरिया वितरण में किसानों को मिली बड़ी राहत :
कलेक्टर रोहित व्यास ने किसानों को बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पूर्व में लागू वह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है, जिसके तहत किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के उद्देश्य से सीमित मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराया जाता था। अब नई व्यवस्था के अनुसार किसानों को खरीफ 2025 में प्राप्त यूरिया की मात्रा के बराबर खरीफ 2026 में भी यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा।उन्होंने कहा कि यदि किसी समय सहकारी समिति में यूरिया का स्टॉक कम होने के कारण कोई किसान अपनी पात्रता के अनुसार पूरी मात्रा प्राप्त नहीं कर पाता है, तो समिति में स्टॉक उपलब्ध होते ही शेष मात्रा भी उसे प्रदान की जाएगी। इससे किसानों को खेती के दौरान उर्वरक की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और समय पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध हो सकेगा।
समिति की व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण :
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने समिति में पंजीकृत किसानों की संख्या, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से वितरित कृषि ऋण, खाद-बीज की उपलब्धता तथा वर्तमान स्टॉक की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद, बीज एवं कृषि ऋण समय पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हो।
किसानों से की सीधी चर्चा :
कलेक्टर ने समिति में खाद एवं बीज लेने पहुंचे ग्राम खोरना के किसान कृष्ण कुमार साय सहित अन्य किसानों से बातचीत कर खेती की तैयारियों, उर्वरकों की उपलब्धता तथा केसीसी के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने किसानों की समस्याएं भी सुनीं और अधिकारियों को उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नैनो यूरिया और नैनो डीएपी अपनाने की अपील :
कलेक्टर रोहित व्यास ने किसानों को नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग के लाभ बताते हुए कहा कि इनके प्रयोग से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व प्रभावी ढंग से प्राप्त होते हैं, लागत में कमी आती है तथा भूमि की उर्वरा शक्ति भी सुरक्षित रहती है। उन्होंने किसानों से आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की सभी सहकारी समितियों में खाद एवं बीज की उपलब्धता पर नियमित निगरानी रखी जाए तथा किसी भी किसान को उर्वरक, बीज या कृषि ऋण प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी न हो। जिला प्रशासन किसानों को समय पर सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
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