दंतेवाड़ा (वीएनएस)। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशानुसार जिले में संचालित आश्रम-छात्रावासों एवं पोटाकेबिनों में छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेने के लिए एसडीएम एवं तहसीलदारों द्वारा लगातार आकस्मिक निरीक्षण किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान स्वच्छता, भवनों की स्थिति, स्वास्थ्य परीक्षण, पेयजल, भोजन व्यवस्था, शौचालय एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का गहन परीक्षण किया गया। निरीक्षण में कई संस्थानों में गंभीर लापरवाही एवं अव्यवस्थाएं सामने आने पर संबंधित अधीक्षिकाओं को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास और जिला शिक्षा अधिकारी को संबंधित संस्थाओं की व्यवस्थाओं को अतिशीघ्र दुरुस्त किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले के विकासखंड कटेकल्याण स्थित कन्या आश्रम परचेली के निरीक्षण के दौरान अधीक्षिका फगनी आलेन्द्र उपस्थित पाई गईं। निरीक्षण में छात्रावास की साफ-सफाई अत्यंत खराब मिली। भवन का मरम्मत कार्य अप्रैल माह से प्रारंभ होने के बावजूद केवल दो कमरों में रंगाई-पुताई की गई थी, जबकि हॉल, किचन शेड एवं डायनिंग कक्ष की छतों का मरम्मत कार्य अधूरा होने से पानी टपक रहा था। पुराने शौचालय को नहीं हटाया गया था तथा छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं कराया गया था। पूर्व में दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किए जाने पर फगनी आलेन्द्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसी प्रकार प्री-मेट्रिक एवं पोस्ट मेट्रिक कन्या छात्रावास कटेकल्याण की अधीक्षिका रंजना जुर्री के छात्रावास में भवन की छतों से पानी टपकने, कमरों में सीपेज, परिसर में पुराने शौचालय का मलबा पड़े रहने तथा शौचालय एवं स्नानघर में गंदगी पाए जाने की स्थिति सामने आई। छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं कराया गया था। इन कमियों को गंभीर मानते हुए रंजना जुर्री को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। विकासखंड गीदम स्थित कन्या आश्रम बड़े कारली के निरीक्षण में अधीक्षिका शीला कुडि़याम अनुपस्थित पाई गईं। छात्रावास परिसर, कमरों तथा विशेष रूप से शौचालयों एवं स्नानघरों में अत्यधिक गंदगी मिली। निरीक्षण के दौरान छात्राएं खुले में स्नान करती हुई पाई गईं। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए शीला कुडि़याम को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
इसी तरह कन्या आश्रम घोटपाल में कमरों, परिसर, शौचालय एवं स्नानघर में साफ-सफाई की अत्यंत खराब स्थिति पाई गई। छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण अब तक नहीं कराया गया था तथा वाशरूम एवं शौचालय अत्यधिक गंदे मिले। पूर्व निर्देशों के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किए जाने पर लता झाड़ी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। विकासखंड दंतेवाड़ा स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्या परिसर चितालूर के निरीक्षण के दौरान अधीक्षिका अनुसुईया भास्कर अनुपस्थित मिलीं। छात्रावास में 234 छात्राएं उपस्थित थीं, लेकिन किसी का भी स्वास्थ्य परीक्षण नहीं कराया गया था। रसोईघर में साफ-सफाई का अभाव था तथा भवन जर्जर अवस्था में मिला। भोजन कक्ष एवं छात्राओं के रहने वाले कमरों में छत से पानी टपक रहा था। कई खिड़कियों में जाली एवं पल्ले नहीं थे, शौचालय एवं स्नानघर गंदे पाए गए तथा कई शौचालय उपयोग योग्य नहीं थे। कुछ छात्राओं के पास मच्छरदानियां उपलब्ध थीं जबकि कुछ के पास नहीं थीं। इन सभी कमियों के आधार पर अनुसुईया भास्कर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
इसी क्रम में कन्या शिक्षा परिसर पोटाकेबिन चितालूर का भी आकस्मिक निरीक्षण किया गया, जहां अधीक्षिका वेदिका नाग निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाई गईं। छात्रावास में 63 छात्राएं उपस्थित थीं। यहां छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं कराया गया था तथा वाशरूम की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं मिली। हालांकि भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार तैयार किया जा रहा था, पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध थी, सभी छात्राओं को मच्छरदानियां उपलब्ध थीं तथा भवन में सीपेज की कोई समस्या नहीं पाई गई। अधीक्षिका की अनुपस्थिति एवं अन्य कमियों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने निर्देश दिया है कि जिले के सभी आश्रम-छात्रावासों एवं पोटाकेबिनों में छात्र-छात्राओं को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण आवासीय वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा है कि साफ-सफाई, स्वास्थ्य परीक्षण, पेयजल, शौचालय, भोजन एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण में सामने आई कमियों को तत्काल दूर करने तथा भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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