डॉ.एम.एस.नवाज ने मौखिक स्वच्छता दिवस के उपलक्ष्य जानकारी साझा करते हुए बताया की जिस प्रकार हमारे शरीर को अच्छा और स्वस्थ्य बनाए रखना महत्वपूर्ण है उसी प्रकार दांतों एवं ओरल हेल्थ की सही देखभाल करना उतना ही जरूरी है दांत हमारे शरीर का वो हिस्सा है जो भोजन को चबाने में हमारी मदद करते है एवं खूबसूरती के लिहाज से भी अहम भूमिका निभाते है।
ओरल हाइजीन क्यों महत्वपूर्ण है?
मुंह का स्वास्थ्य पूरे शरीर के स्वास्थ्य से जुड़ा होता है यदि मुंह में कोई संक्रमण है तो लार एवं थूक के माध्यम से पेट में फिर रक्त के माध्यम से बैक्टीरिया शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंच सकते है जिसमें ह्रदय रोग,डायबिटीज न्यूमोनिया,गर्भावस्था संबंधी जटिलताएं जैसे समय से पहले जन्म और कम वजन वाले बच्चे एवं अल्जाइमर रोग जो भूलने की बीमारी है एवं एचआईवी/एड्स और स्ट्रोक जैसी अन्य समस्या भी हो सकती है मौखिक स्वच्छता की देखभाल से दांतों की सड़न मसूड़ों की बीमारी मुंह से दुर्गंध और अन्य समस्याओं जैसी मौखिक स्वास्थ्य समस्याओं को शुरू होने से पहले ही रोक सकते है दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखना समग्र स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अच्छी मौखिक स्वच्छता के क्या फायदे हैं?
स्वास्थ्य दांत से एक खूबसूरत मुस्कान,सांसों में ताजगी,फिलिंग क्राउन ब्रिज इंप्लांट या डेंचर जैसे दंत उपचारों की आवश्यकता कम पड़ती है एवं मुंह के कैंसर का खतरा कम हो जाता है ह्रदय रोग,मधुमेह और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा कम हो जाता है आपातकालीन दंत चिकित्सा उपचार की तुलना में अधिक किफायती भी है।
डॉ.मो.सबा नवाज ने बताया की उचित मौखिक स्वच्छता ही सर्वोत्तम मौखिक स्वच्छता की कुंजी है दांतों में कैविटी का बनना एक आम समस्या है जो अधिक लोगों को परेशान करती है दांत में दर्द आम है बच्चों से लेकर बूढ़े तक दांत में दर्द हो सकता है दांत में दर्द के कारण खाना पीना उठने-बैठने के साथ सोना लेटना भी मुश्किल होता है।डॉ.नवाज ने बताया की दांत में दर्द हुआ तो लोग मेडिकल शॉप यानी दवा दुकान से दवा बार बार लेकर खाते है जो इलाज नहीं है समस्या को और गंभीर बनाना और बढ़ावा देने जैसा है डॉक्टर के परामर्श अनुसार ही दवा लेना चाहिए जब दर्द अधिक होता है तो रूट कैनाल ट्रीटमेंट की सलाह दी जाती है पहले संक्रमित दांतों को निकालना ही इस समस्या का एक मात्र सामान्य समाधान था लेकिन अब इस प्रकार की समस्या से निपटने के लिए कई उपचार व समाधान सामने आए हैं ऐसे दंत समस्या से निपटने के लिए रूट कैनाल उपचार एक ऐसा उपाय है जो मरीज़ को राहत पहुँचाती है बहुत से लोग रूट कैनाल उपचार जानते हैं परन्तु जो लोग नहीं जानते उन्हें इस उपचार की जानकारी होना आवश्यक है।
कब पड़ती है रूट कैनाल की जरूरत?
अगर दांतों में दर्द है तो डॉक्टर के द्वारा पहले दर्द के कारण का पता लगाया जाता है ज्यादा तर मामलों में रूट कैनाल के द्वारा ठीक किया जा सकता है अगर दर्द दांतों में सड़न या चोट लगने से दांतों के नीचे मसूड़ों में सूजन या गांठ हो या दांतों का रंग बदल गया हो या अधिक समय जोड़ जोड़ से ब्रश या दातुन करने से दांत घिस गए हो या दांतों में झनझनाहट हो या ठंडा गर्म महसूस होता हो या दांतों में अधिक डेंटल एट्रिशन हो यानी दांत का क्राउन हिस्सा बुरी आदत या नींद में दांत घिसने के कारण दांत अधिक घिस गया हो या पेरिआपिकल संक्रमण पस सूजन मवाद आदि समस्याओं को रूट कैनाल के द्वारा ठीक किया जा सकता है अगर दांतों की स्थिति बहुत ही ज्यादा खराब हो चुकी है तभी दांत निकालने की सलाह दी जाती है।
हर दांत के अंदर एक नरम हिस्सा होता है जिसे पल्प या दांतों की नस कहते है जब कैविटी बड़ी यानी दांतों की सड़न गहरी हो जाती तो यह नस तक पहुंच जाती है जिससे तेज दर्द सूजन या मवाद पस जैसी समस्या उत्पन्न होती है।
रूट कैनाल में इस संक्रमित पल्प को बाहर निकालते है दांत के अंदर के हिस्सों को अच्छी तरह से साफ करके विशेष सामग्री भरकर सील कर दिया जाता है।प्रक्रिया दौरान मरीज को दर्द न हो इसके लिए एनेस्थीसिया दिया जाता है इस प्रक्रिया को शुरू करने से पहले सुन्न किया जाता है इसीलिए प्रक्रिया से पहले भोजन करके डेंटिस्ट के पास जाएं प्रक्रिया के दौरान एवं बाद में तुरंत भूख नहीं लगेगी सुन्नपन दूर होने में कुछ घंटे का समय लगता है सुन्न में खाने चबाने से ओंठ गाल कट सकते है कुछ खाने चबाने से दो घंटे तक परहेज करना चाहिए।
कैसे किया जाता है रूट कैनाल उपचार प्रक्रिया?
दांत के ऊपर एक छोटा छेद करके संक्रमित पल्प को बाहर निकाला जाता है।
एक्सेस ओपनिंग
दांत के बीच में एक छोटा सा छेद किया जाता हैं ताकि पल्प को पूरी तरह निकाल सकें और रूट के अंत यानी दांतों के जड़ तक पहुंच सकें और सफाई अच्छी तरह से हो सके।
क्लीनिंग और शेपिंग
संक्रमित या खराब हुए हिस्सा को विशेष उपकरणों का उपयोग करके पल्प को पूरी तरह हटा दिया जाता फिर बचे हुए बैक्टीरिया को पूरी तरह साफ करके अंदर के हिस्सों को आकार दिया जाता है ताकि बाद में फिलिंग किया जा सके।
डिसइंफेक्शन
रूट कैनाल को कीटाणुरहित करके बचे हुए बैक्टीरिया को साफ किया जाता है जो संक्रमण का कारण बन सकता है प्रत्येक सिटिंग में अलग अलग दवा डाल कर दांत के अंदर छोड़ा जाता है फिर अस्थाई सीमेंट लगाया जाता है फिर अच्छे से साफ होने एवं दर्द खत्म होने के बाद साफ हुए दांत के नसों को भरा जाता है ताकी फिर संक्रमण न हो।
फिलिंग
पूरी तरह से सफाई और कीटाणुशोधन के बाद,जगह को सील करने और पुनःसंक्रमण को रोकने के लिए खाली रूट को जिसे गट्टा-पर्चा कहा जाता है डेंटल सीलेंट या डेंटल सीलर या रूट कैनाल सीलर कहा जाता है उसमें में मिक्स करके कैनाल नसों को भर दिया जाता है।
रेस्टोरेशन एवं कैंपिंग
ज्यादातर मामलों में जिस दांत की रूट कैनाल हो गई है उसे सुरक्षित रखने और उसके कार्य को बहाल करने के लिए चांदी या दांत के रंग की स्थाई सीमेंट डाल दिया जाता है पर रूट कैनाल वाले दांत कमजोर हो जाते है अधिक समय चलने के लिए डेंटल क्राउन जैसी मरम्मत की आवश्यकता होती है इसीलिए उसे सुरक्षा देने के लिए ऊपर से एक आर्टिफिशियल क्राउन कैप लगाया जाता है जो दांतों को मजबूत बनाता है जिससे रूट कैनाल वाले दांत अधिक समय तक चलता है।
रिकवरी
प्रक्रिया के बाद मरीज को कुछ हल्की असुविधा या संवेदनशीलता महसूस हो सकती है लेकिन इसे दवा से राहत मिल जाती अधिकांश व्यक्ति प्रक्रिया के तुरंत बाद अपनी सामान्य गतिविधियों में लौट सकते हैं रूट कैनाल ट्रीटमेंट संक्रमित या क्षतिग्रस्त दांतों को बचाने में अत्यधिक सफल है जिससे रोगियों को अपने प्राकृतिक दांत बनाए रखने और दांत निकालने से बचने में मदद मिलती है।यह दर्द को कम करता है और मौखिक स्वास्थ्य को बहाल करता है जिससे यह जरूरतमंद लोगों के लिए एक मूल्यवान दंत प्रक्रिया बन जाती है नियमित दांतों की जांच और त्वरित रूट कैनाल थेरेपी समस्याओं को रोकने में मदद कर सकते हैं।
समय एवं खर्च
रूट कैनाल उपचार से ठीक होने में लगने वाला समय अलग अलग मरीजों के लिए अलग अलग होता है जो उनकी उम्र और मौखिक स्वास्थ्य की स्थिति पर निर्भर करता है अधिक मरीजों को पहली बार में ही राहत मिल जाती है एक से दो दिन के अंतराल से तीन से चार बार में प्रक्रिया सम्पन्न होती है कैप के साथ है जो ज्यादा सफल परिणाम होता है और लंबे समय तक रूट कैनाल चलता है नहीं तो सिंगल भी आरसीटी होता है जिसमें कुछ कठिनाई हो सकती है मरीज को सुन्न जाने के बाद तेज दर्द होना दर्द दो से चार दिन महसूस होना तुरंत राहत न मिलना आम है कुछ मामलों में दांत के स्थिति पर भी निर्भर करता है दांत में सूजन,मवाद,पस, पेरीआपिकल संक्रमण है तो एक से दो सिटिंग ज्यादा भी लग सकता है कुछ दांतों पर निर्भर करता है सामने के दांतों में एक नस होती है पिछे के दांतों एक से अधिक कैनाल,नसे होती है उसपे भी निर्भर करता है। खर्च की बात करें तो डॉक्टर एवं जगह पर निर्भर करता है सिर्फ आरसीटी दो हजार से लेकर दस हजार तक भी हो सकती है। डेंटिस्ट के अनुभव एवं आधुनिक उपकरण सामग्रीयों पर भी काफी निर्भर करता है डेंटिस्ट अगर विशिष्ट एवं कीमती सामग्री का उपयोग किया हो तो मरीज से अधिक चार्ज कर सकते हैं।
रूट कैनाल ट्रीटमेंट के लाभ
दर्द से राहत
कैनाल का प्राथमिक लक्ष्य संक्रमण या सड़न के कारण होने वाले गंभीर दांत दर्द से राहत दिलाना है ज्यादातर मरीजों को प्रक्रिया के बाद जल्द ही राहत मिलती है।
बेहतर मौखिक स्वास्थ्य
रूट कैनाल ट्रीटमेंट संक्रमित हिस्से को हटा कर दांत को साफ करते है संक्रमण फैलने से रोकते है ताकी अन्य दंत भी खराब न हो सके।
बेहतर चबाना
क्राउन के साथ दांत को पहले जैसा करके चबाने के लिए बनाया जाता है जिससे दांत पहले जैसा खाने चबाने के काम आ सके।
कॉस्मेटिक लाभ
डेंटल क्राउन प्राकृतिक दांतों के रंग और आकार से मिलाता है जो मुस्कान एवं खूबसूरती की सुंदरता और शोभा बढ़ाती है।
रूट कैनाल उपचार के उद्देश्य
दर्द से राहत : जब दांत के नस में संक्रमण या सूजन के कारण दर्द असहनीय हो जाता है तो रूट कैनाल की आवश्यकता अक्सर होती है।इस प्रक्रिया का उद्देश्य इस दर्द को कम करना है।
दांत बचाएं : क्षतिग्रस्त दांत को निकालने के बजाये बचाना है जो मरीज के मुस्कुराहट को बनाए रखें और दांत निकालने से अन्य दांत आड़े तिरछे ऊबड़ खाबड़ टेढ़े मेंढे हो सकते है दांतों का एलाइन बिगड़ सकता है जो दांतों के संरेखण समस्याओं का कारण बन सकता है रूट कैनाल का उद्देश्य दांतों की प्राकृतिक संरचना को संरक्षित करना है।
रूट कैनाल बाद की देखभाल और रखरखाव
नियमित दंत जांच
नियमित दंत जांच कराएं ताकि दंत चिकित्सक आपके दांत और मुंह के स्वास्थ्य की निगरानी कर सकें कई बार आसपास के दांत खराब हो सकते है कैप के कारण इसीलिए नियमित जांच से बचा जा सकता है फिर डेंटल फ्लॉस, इंटरडेंटल ब्रश,वाटर फ्लोसर की जरूरत पड़ती है कैप वाले दांत में।
मौखिक स्वच्छता
अपने दांतों और मसूड़ों को साफ और प्लाक और बैक्टीरिया से मुक्त रखने के लिए दिन में कम से कम दो बार अपने दांतों को ब्रश करें और रोजाना फ्लॉस करें उचित मौखिक स्वच्छता नए संक्रमणों को रोकने में मदद करती है।
कठोर या चिपचिपे खाद्य पदार्थों से परहेज
अपने खान-पान की आदतों को लेकर सतर्क रहें,खासकर प्रक्रिया के तुरंत बाद कठोर चीजें को काटने या चिपचिपे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें।
सुरक्षा
उपचार के बाद दांत के ऊपर डेंटल क्राउन लगता है तो उसकी सुरक्षा का ध्यान रखें ताकी टिकाऊ हो सके।
दर्द प्रबंधन
अगर रूट कैनाल के बाद असुविधा हो कैनाल मिसिंग हो गया हो तो कुछ सालों बाद रूट कैनाल वाले दांत में दर्द या संक्रमण होने से री रूट कैनाल भी किया जा सकता है।
अनुवर्ती एक्स-रे
इलाज किए गए दांत की स्थिति की निगरानी के लिए समय-समय पर एक्स-रे की आवश्यकता हो सकती है कैप वाले दांत में भोजन का फंसना जीवाणु और प्लाक का जमा होना ये समस्या आम है साल में एक बार एक्स रे करने से कैप वाले दांत की निगरानी एवं आसपास के अन्य दांत खराब होने से रोका जा सकता है।
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