नई दिल्ली(वीएनएस)।केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस योजना को छह प्रमुख स्तंभों पर तैयार किया गया है। इनमें उत्पाद की सुनिश्चित खरीद, मूल्य स्थिरता, पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन अवसंरचना का विकास, ऋण गारंटी और नवाचार के लिए चैलेंज फंड शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में दो अहम निर्णय लिये गए। बैठक के बाद मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने 32 हजार 701 करोड़ रुपये के कुल निवेश वाले दो बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। इनमें 23 हजार 731 करोड़ रुपये की गोबरधन (GOBARdhan) योजना तथा असम में बाईहाटा चारियाली से तेजपुर तक 8 हजार 970 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन राजमार्ग का निर्माण शामिल है।
वैष्णव ने बताया कि गोबरधन योजना का उद्देश्य देश में संपीड़ित बायो-गैस (CBG) के उत्पादन और वितरण को नई गति देना है, ताकि ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूती मिले। सरकार का कहना है कि भारत अपनी प्राकृतिक गैस की लगभग 50 प्रतिशत जरूरत आयात से पूरी करता है और हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण ऊर्जा सुरक्षा नई चुनौती बनकर उभरी है। ऐसे में घरेलू स्तर पर उत्पादित बायो-गैस इसका स्थायी समाधान साबित होगी।
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मंत्री ने कहा कि इस योजना को छह प्रमुख स्तंभों पर तैयार किया गया है। इनमें उत्पाद की सुनिश्चित खरीद, मूल्य स्थिरता, पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन अवसंरचना का विकास, ऋण गारंटी और नवाचार के लिए चैलेंज फंड शामिल हैं। प्रत्येक बायो-गैस संयंत्र को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क या ट्रंक पाइपलाइन से जोड़ा जाएगा। सरकार समर्थित मूल्य व्यवस्था से वैश्विक ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कम होगा। साथ ही एमएसएमई आधारित परियोजनाओं को 85 प्रतिशत तक ऋण गारंटी और संयंत्रों के लिए पूंजीगत सहायता भी दी जाएगी।
हम आपको बता दें कि सरकार का अनुमान है कि अगले दस वर्षों में इस योजना से सीबीजी उत्पादन दस गुना तक बढ़ेगा, ऊर्जा आयात पर निर्भरता घटेगी और 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत होगी। इसके अलावा 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक का योगदान राष्ट्रीय जीडीपी में होगा, डेढ़ लाख से अधिक रोजगार सृजित होंगे, 10 मिलियन मीट्रिक टन जीवाश्म ईंधन का विकल्प तैयार होगा, 40 मिलियन टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और 250 मिलियन मीट्रिक टन जैविक उर्वरक का उत्पादन होगा।
इसके अलावा, कैबिनेट ने असम में राष्ट्रीय राजमार्ग-15 पर बाईहाटा चारियाली (गुवाहाटी के निकट) से मिशन चारियाली (तेजपुर के निकट) तक 135.87 किलोमीटर लंबे चार लेन राजमार्ग निर्माण को भी मंजूरी दी है। यह परियोजना 8 हजार 970 करोड़ रुपये की लागत से बीओटी (टोल) मॉडल पर विकसित की जाएगी। इसमें अत्याधुनिक मशीन आधारित निर्माण तकनीक (AIMC), ओपन टोलिंग और एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी।
हम आपको बता दें कि सरकार के अनुसार यह राजमार्ग तेजपुर जैसे महत्वपूर्ण रक्षा केंद्र तक रणनीतिक संपर्क को मजबूत करेगा, असम और अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों के बीच संपर्क बढ़ाएगा, माल ढुलाई को गति देगा और गुवाहाटी-तेजपुर की यात्रा का समय लगभग साढ़े तीन घंटे से घटकर करीब 1.7 घंटे रह जाएगा। इसके साथ ही पांच बाईपासों के जरिए यातायात का दबाव कम होगा और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी।
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