नई दिल्ली(वीएनएस)।मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा चोरी और छात्र प्रदर्शन पर विपक्ष के हंगामे के कारण संसद में गतिरोध बना रहा। लोकसभा ने बिना बहस के कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक पारित किया, जबकि राज्यसभा ने विनियोग विधेयक को मंज़ूरी दी। यह स्थिति संसदीय कामकाज पर राजनीतिक टकराव के गहरे असर को दर्शाती है।
मानसून सत्र के 14वें दिन, अयोध्या में राम मंदिर में दान की कथित चोरी समेत कई मुद्दों पर विपक्ष की नारेबाजी के कारण लोकसभा ने बिना किसी बहस के 'टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल' पास कर दिया। इस बिल के ज़रिए सरकार ने 'पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007' में भी संशोधन किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा ने विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2026 को मंज़ूरी दे दी है। इस विधेयक का मकसद भारत की संचित निधि से पैसे निकालने की मंज़ूरी देना है, ताकि 31 मार्च, 2023 को खत्म हुए वित्तीय वर्ष के दौरान कुछ सेवाओं पर मंज़ूर की गई राशि से ज़्यादा खर्च हुई रकम का भुगतान किया जा सके।
आज क्या कुछ हुआ
राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने बृहस्पतिवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू से कहा कि वह सदन में गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी की मांग कर रहे विपक्ष की ‘‘भावनाओं से गृह मंत्री को अवगत’’ कराएं। यह बात सभापति ने उस समय कही, जब दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के तुरंत बाद प्रश्नकाल के दौरान हंगामा हो रहा था। विपक्षी सदस्य अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे थे और सत्ता पक्ष के सदस्य उनका विरोध कर रहे थे।
सभापति ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को अपनी बात रखने के लिए आमंत्रित किया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई, जिसके कारण विपक्ष और सत्तापक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। खरगे ने कहा कि अगर मैं नियम नहीं पढ़ूं, अपने विषय को नहीं पढ़ूं, तो क्या मुझे वही पढ़ना चाहिए जो आप (रीजीजू) देते हैं? यह मेरा अधिकार है कि मैं क्या बोलूं, कब बोलूं और कैसे बोलूं। रिजिजू ने इस मांग पर आपत्ति जताते हुए कहा कि विपक्ष के नेता पिछले सात दिनों से यही मुद्दा उठा रहे हैं और नियम इस तरह के निर्देश की इजाज़त नहीं देते हैं। रिजिजू ने कहा कि आप चेयर को निर्देश नहीं दे सकते, और जोड़ा कि विपक्ष के नेता सदन को अपनी शर्तें नहीं थोप सकते।
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) समेत कई विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण बृहस्पतिवार को लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। सदन ने विपक्ष के हंगामे के बीच ही ‘कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026’ को चर्चा के बिना पारित कर दिया। मानसून सत्र की शुरुआत से सदन में एक भी दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हो सके हैं।
लोकसभा ने हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम हमलों की बरसी पर बृहस्पतिवार को पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा परमाणु हथियारों के उन्मूलन और वैश्विक शांति एवं सौहार्द के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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