सौर सुजला से खेत में आई रोशनी

Posted On:- 2026-10-05




एक एकड़ में तीन फसलें ले रहे आशीष टोप्पो

सिंचाई की सुविधा ने बदली खेती की तस्वीर, धान के साथ गेहूं, सरसों, उड़द और मूंगफली की कर रहे खेती; सालाना करीब एक लाख रुपये की आमदनी

रायपुर (वीएनएस)।कभी सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता पर निर्भर रहने वाले कोरिया जिले के किसान आशीष टोप्पो अब अपने एक एकड़ खेत में सालभर खेती को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं। सौर सुजला योजना के तहत मिली सौर सिंचाई सुविधा ने उनके लिए खेती के नए रास्ते खोले हैं। ग्राम पंचायत कदमनारा निवासी 46 वर्षीय आशीष टोप्पो पिता प्रभुदयाल अब एक ही खेत से अलग-अलग मौसम में फसल लेने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

     आशीष बताते हैं कि सौर सिंचाई सुविधा मिलने के बाद खेत में पानी का बेहतर प्रबंधन संभव हुआ है। इससे वे खेती की गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित कर पा रहे हैं और वर्तमान में एक एकड़ भूमि पर साल में करीब तीन फसलें लेने का प्रयास कर रहे हैं।

धान से लेकर मूंगफली तक, मौसम के हिसाब से फसल

     आशीष टोप्पो अपने खेत में धान, गेहूं, सरसों, उड़द और मूंगफली जैसी विभिन्न फसलों की खेती करते हैं। सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने से वे मौसम और खेत की जरूरत के अनुसार अलग-अलग फसलों की योजना बना पा रहे हैं। उनके मुताबिक, पहले खेती में पानी की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण चुनौती थी। सौर सिंचाई सुविधा ने इस चुनौती को काफी हद तक आसान किया है। अब वे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए खेती को अधिक व्यवस्थित बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

सालाना करीब एक लाख रुपये की आमदनी

     आशीष टोप्पो के अनुसार खेती से उन्हें हर साल लगभग एक लाख रुपये की आमदनी’’ प्राप्त होती है। उनका कहना है कि सिंचाई की सुविधा बेहतर होने से फसलों की खेती नियमित रूप से कर पाना संभव हुआ है और कृषि गतिविधियों को लगातार आगे बढ़ाने का अवसर मिला है। उनके लिए सौर सुजला योजना केवल खेत तक पानी पहुंचाने का साधन नहीं, बल्कि खेती को अधिक व्यवस्थित और टिकाऊ तरीके से करने का माध्यम बनी है।

 सौर ऊर्जा से सिंचाई, खेती में बढ़ा भरोसा

     आशीष टोप्पो की कहानी बताती है कि सिंचाई सुविधा किसानों के लिए खेती की संभावनाओं को कैसे बढ़ा सकती है। एक एकड़ जैसी सीमित कृषि भूमि पर भी यदि पानी की उपलब्धता बेहतर हो तो किसान अलग-अलग मौसम में विविध फसलें लेने की योजना बना सकता है। आशीष अब उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए अपनी कृषि आय को बनाए रखने और खेती को और बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। सौर सुजला योजना उनके लिए खेत में सिंचाई सुविधा के साथ खेती के प्रति बढ़े भरोसे की कहानी बन गई है।



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