अब गांव में ही मिला विवाह प्रमाण-पत्र, डिजिटल सेवा से खत्म हुई दफ्तरों की भागदौड़

Posted On:- 2026-10-08




सेवा सेतु बना ग्रामीणों के लिए सहूलियत का माध्यम, ग्राम पंचायत सचिव ने ऑनलाइन जारी किया विवाह प्रमाण-पत्र

बीजापुर (वीएनएस)। डिजिटल तकनीक के माध्यम से शासकीय सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में जिला प्रशासन बीजापुर की पहल ग्रामीणों के लिए बड़ी सहूलियत बन रही है। सेवा सेतु के माध्यम से अब ग्राम पंचायत स्तर पर ही आवश्यक सेवाएं उपलब्ध होने लगी हैं। इसी पहल से ग्राम कोटेर के हरिश शंकर वारगेम और उनकी पत्नी रविना वारगेम को विवाह प्रमाण-पत्र के लिए शासकीय कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े और ग्राम पंचायत स्तर पर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर उनका विवाह प्रमाण-पत्र जारी किया गया।

गांव में ही पूरी हुई प्रक्रिया, समय और मेहनत दोनों की बचत- ग्राम कोटेर, ग्राम पंचायत रेड्डी, तहसील गंगालूर निवासी हरिश शंकर वारगेम ने विवाह पंजीयन के लिए आवेदन किया था। आवेदन के आधार पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए ग्राम पंचायत सचिव द्वारा ऑनलाइन माध्यम से विवाह प्रमाण-पत्र जारी किया गया। पहले इस तरह के महत्वपूर्ण दस्तावेजों के लिए ग्रामीणों को संबंधित कार्यालयों तक पहुंचने, जानकारी लेने और प्रक्रिया पूरी करने में समय और संसाधन खर्च करने पड़ते थे। डिजिटल व्यवस्था और सेवा सेतु के माध्यम से यह सुविधा ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध होने से प्रक्रिया सरल, सुगम और सुविधाजनक हुई है।

सेवा सेतु ने डिजिटल जनसेवा को पहुंचाया गांव तक- विवाह प्रमाण-पत्र ऑनलाइन जारी कराने की प्रक्रिया में सेवा सेतु मैनेजर श्रीमती पूर्णिमा गयाकवार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आवश्यक समन्वय और ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से आवेदक को स्थानीय स्तर पर ही सेवा उपलब्ध कराई गई।

यह पहल बताती है कि डिजिटल व्यवस्था केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए समय, दूरी और अनावश्यक भागदौड़ से राहत का माध्यम भी बन रही है।

पारदर्शी और सुगम सेवाओं की ओर बढ़ता बीजापुर- जिला प्रशासन बीजापुर द्वारा सेवा सेतु के माध्यम से शासकीय सेवाओं को ग्राम स्तर तक पहुंचाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। ऑनलाइन व्यवस्था से जहां सेवाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ रही है, वहीं नागरिकों को कम समय में आवश्यक दस्तावेज एवं सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। हरिश और रविना को गांव में ही मिला विवाह प्रमाण-पत्र इस बात की मिसाल है कि डिजिटल जनसेवा की पहुंच बढ़ने से दूरस्थ अंचलों में भी शासन की सेवाएं अब नागरिकों के और करीब आ रही हैं।



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