बेमेतरा(वीएनएस)।उप संचालक कृषि श्री मोर ध्वज डडसेना के मार्गदर्शन एवं सतत निगरानी में बेमेतरा जिले ने कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिले में संचालित बीज उत्पादन कार्यक्रम ने इस वर्ष लक्ष्य से कहीं अधिक सफलता अर्जित करते हुए एक नई मिसाल कायम की है। निर्धारित 1348 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध जिले में कुल 2086 हेक्टेयर क्षेत्र में बीज उत्पादन हेतु कृषकों का पंजीयन किया गया है, जो निर्धारित लक्ष्य से काफी अधिक है। यह उपलब्धि जिले के किसानों की बढ़ती जागरूकता, कृषि विभाग के सतत प्रयासों तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
बीज उत्पादन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में विशेष रूप से दलहन एवं तिलहन फसलों के प्रमाणित बीज उत्पादन को प्राथमिकता दी गई। कृषि विभाग द्वारा इन फसलों के महत्व को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्यक्रम का संचालन किया गया, जिससे कृषकों का रुझान बीज उत्पादन की ओर बढ़ा।कार्यक्रम की सफलता में कृषि अधिकारियों एवं विस्तार कर्मियों की सक्रिय भूमिका रही। समय-समय पर किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, तथा पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाकर जानकारी दी गई। इन प्रयासों से किसानों का विश्वास बढ़ा और बड़ी संख्या में कृषकों ने स्वेच्छा से बीज उत्पादन कार्यक्रम में सहभागिता की।
इस बढ़े हुए पंजीयन का सबसे बड़ा लाभ आगामी रबी सीजन में देखने को मिलेगा। जिले के किसानों को अब दलहन-तिलहन के प्रमाणित बीज पर्याप्त मात्रा में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगे। इससे न केवल फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।बीज उत्पादन कार्यक्रम की सफलता से बाहरी स्रोतों पर निर्भरता में कमी आएगी। स्थानीय स्तर पर प्रमाणित बीज उपलब्ध होने से बीज की गुणवत्ता, समय पर आपूर्ति तथा लागत में कमी सुनिश्चित होगी, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
इस कार्यक्रम की सफलता से जिले में दलहन-तिलहन क्षेत्र विस्तार की प्रबल संभावनाएं बन गई हैं। यह पहल पोषण सुरक्षा, मृदा स्वास्थ्य में सुधार तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।कुल मिलाकर, बेमेतरा जिले में बीज उत्पादन कार्यक्रम की यह उपलब्धि यह सिद्ध करती है कि सही योजना, प्रभावी क्रियान्वयन और कृषकों की सक्रिय भागीदारी से कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की जा सकती है। यह उपलब्धि न केवल जिले के लिए गौरव का विषय है, बल्कि अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।
सुपेला थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक राम नारायण यदु को लगातार मिल रही शिकायतों और चेतावनियों के बावजूद सुधार न करने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी)...
रायपुर पुलिस के पश्चिम ज़ोन में बिना अनुमति डीजे, टेंट और साउंड सिस्टम संचालन को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। डीसीपी पश्चिम श्री संदीप पटेल के...
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला (आईपीएस) ने सोमवार, 02 फरवरी 2026 को कमिश्नरेट रायपुर के सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारि...
जिला प्रशासन के “स्किल डेवलपमेंट“और “पर्यावरण संरक्षण“ के विजन को धरातल पर उतारते हुए कोण्टा ब्लॉक मुख्यालय में स्थित शासकीय बालक हाईस्कूल (पोटाकेब...
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ग्रामीण युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम बन रही है। योजना के तहत व...