सूरजपुर (वीएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इस पावन अवसर पर जनपद पंचायत ओड़गी अंतर्गत ग्रामीण अंचल से आत्मनिर्भरता की कुछ ऐसी कहानियाँ सामने आई हैं, जो यह साबित करती हैं कि जब शासन की योजनाएँ सही हाथों तक पहुँचती हैं, तो एक साधारण महिला का जीवन असाधारण बन जाता है। प्रधानमंत्री आवास योजना और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से इन महिलाओं ने न केवल अपने परिवार को सुरक्षित छत दी, बल्कि आजीविका के नए द्वार भी खोले हैं।
पक्की छत मिली, मिला सम्मान भी कृ लीलावती चेरवा की कहानी :
ग्राम पंचायत बभना की लीलावती चेरवा वर्षों से कच्चे घर में रहती थीं। बरसात के मौसम में टपकती छत और दरकती दीवारें उनके परिवार के लिए हर साल एक नई परीक्षा बन जाती थीं। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उन्हें पक्का आवास स्वीकृत हुआ और उनका वर्षों पुराना सपना साकार हो गया। आज उनका परिवार एक सुरक्षित और सम्मानजनक आवास में रह रहा है। लीलावती की यह बदली हुई तस्वीर, यह बताती है कि गाँव आज महिलाओं की स्तिथि में सकरात्मक परिवर्तन आ रहा है।
आवास से आजीविका कृ किस्मत राजवाड़े की उद्यमशीलता ग्राम पंचायत रामपुर की किस्मत राजवाड़े ने ष्आवास से आजीविकाष् का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली सेंटरिंग व शटरिंग प्लेट उपलब्ध कराने का व्यवसाय शुरू किया है, जिससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर निर्माण सामग्री की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो रही है। किस्मत की यह उद्यमशीलता ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की एक नई राह दिखा रही है।
मनरेगा ने दिया सम्मान कृ जयमुनी बाई का नाम हुआ दर्ज :
जनपद पंचायत ओड़गी क्षेत्र में मनरेगा के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर विभिन्न विकास कार्यों से महिलाओं को रोजगार और आजीविका के नए अवसर मिल रहे हैं। इसी कड़ी में समय लाल पंडो की भूमि पर मनरेगा के तहत डबरी निर्माण कार्य संपन्न कराया गया, जिससे जल संरक्षण और कृषि कार्यों दोनों को बल मिलेगा। इस कार्य में सक्रिय भूमिका निभाने वाली महिला सदस्य जयमुनी बाई का नाम डबरी स्थल पर स्थापित सूचना पटल पर अंकित किया गया है कृ एक ऐसी पहल जो ग्रामीण महिलाओं के योगदान को पहचान और सम्मान दोनों देती है।
सशक्त महिला कृ सशक्त समाज जनपद पंचायत ओड़गी में प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा के समन्वित क्रियान्वयन से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में जो सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है, वह इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाओं की असली शक्ति तभी प्रकट होती है जब उसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी हो।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ये प्रेरक कहानियाँ यह संदेश देती हैं कि आत्मनिर्भर महिला से ही आत्मनिर्भर गाँव और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण होता है।
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