बकरी पालन से बदली जिंदगी: ग्राम जनुआ की पार्वती यादव बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

Posted On:- 2026-03-13




एमसीबी (वीएनएस)। जिले के ग्राम जनुआ की निवासी पार्वती यादव आज अपने गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी हैं। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि में जीवन यापन करने वाली पार्वती यादव ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद भी दृढ़ संकल्प से सफलता हासिल की जा सकती है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके जीवन को नई दिशा दी है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया है।

महिला स्व सहायता समूह से मिली नई पहचान  : 

पार्वती यादव के जीवन में बदलाव तब आया जब उन्होंने “पूजा महिला स्व सहायता समूह” से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें नई सोच, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का अवसर मिला। इसी समूह के माध्यम से उन्हें 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई, जिसने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का साहस और नई शुरुआत का अवसर प्रदान किया।

बकरी पालन से शुरू हुई आत्मनिर्भरता की राह  : 

प्राप्त आर्थिक सहायता का सदुपयोग करते हुए पार्वती यादव ने अपने गांव में बकरी पालन का कार्य शुरू किया। उन्होंने पूरे समर्पण और मेहनत के साथ इस व्यवसाय को आगे बढ़ाया। धीरे-धीरे उनका यह प्रयास सफल होता गया और बकरी पालन उनके लिए आय का स्थायी साधन बन गया। उनकी मेहनत ने यह साबित कर दिया कि छोटे स्तर से शुरू किया गया कार्य भी बड़े परिणाम दे सकता है।

आय में वृद्धि से मजबूत हुई आर्थिक स्थिति  : 

आज बकरी पालन के इस व्यवसाय से पार्वती यादव को प्रतिवर्ष लगभग 89,460 रुपये की आय प्राप्त हो रही है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं और अपने बच्चों के भविष्य के लिए भी सकारात्मक योजनाएं बना रही हैं।

गांव की महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा  : 

पार्वती यादव की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पूरे गांव के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। आज गांव की कई महिलाएं उनसे प्रेरित होकर स्व सहायता समूहों से जुड़ रही हैं और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। पार्वती यादव की यह प्रेरक कहानी यह संदेश देती है कि यदि मन में विश्वास, मेहनत और आगे बढ़ने का जज़्बा हो, तो सफलता की राह स्वयं बन जाती है।




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