.विश्व में कोई संकट आता है तो उससे दुनिया के सारे देश प्रभावित होते हैं और उससे बचने के लिए सभी वही उपाय करते हैं जो किया जाना चाहिए। लोगों से सभी देशों में सरकार अपील करती है, लोगों से कहती है कि ऐसे समय में उनको क्या करना चाहिए जिससे देश को संकट से निपटने में मदद मिल सकती है। शायद ही किसी देश में सरकार की ऐसी अपील व ऐसे उपायों को सरकार नाकामी कहा जाता है लेकिन भारत में राहुल गांधी ऐसे नेता हैं जिन्होंने देश को संकट से बचने के लिए पीएम मोदी की अपील को उनकी नाकामी बता दिया। उनकी कमजोरी है,खामी है कि वह कुछ बोलने का मौका मिलता है तो बिना सोचसमझे तुरंत जो मन में आया कह देते हैं वह सोचते नहीं है और उनके आसपास के नेता भी उनको बताते नहीं है कि वह जो कहने जा रहे हैं वह गलत है क्योंकि जब भी देश में संकट आया है तो कांग्रेस के नेताओं ने भी वही किया है जो पीएम मोदी ने किया है यानी देश के लोगों से अपील।
पीएम मोदी ने अपील की और राहुल गांधी ने कह दिया कि पीएम मोदी ने बचत की अपील करके अपनी नाकामी का सबूत दे दिया है तथा अब देश चलाना एक कम्प्रोमाइज्ड पीएम के बस की बात नहीं है।राहुल गांधी ने यह भी कहा है कि पीएम मोदी हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि खुद जवाबदेही से बच निकलें।राहुल गांधी ने कहा है कि पीएम मोदी ने जनता से त्याग की मांग की है कि सोना मत खरीदो,विदेश मत जाओ,पेट्रोल का कम उपयोग करो,खाद व खाने के तेल का कम उपयोग करो,मेट्रो में जाओ, घर में काम करो।मोदी का यह उपदेश ही उनकी नाकामी का सबूत है।
जब राहुल गांधी यह सब देश को बता रहे थे तो उनको पता नहीं था कि वह पीएम मोदी को नाकाम नहीं बता रहे थे,कांग्रेस को भी नाकाम बता रहे थे क्योंकि देश में आज जैसा संकट आया है वैसा संकट जब कांग्रेस के समय आया था कांग्रेस नेताओं ने भी वही किया था जो आज पीएम मोदी ने किया है। आज तो देश की अर्थव्यवस्था पीएम मोदी की नीति के चलते मजबूत है। कांग्रेस ने तो ऐसे संकट के समय देश की अर्थव्यवस्था बरबाद होने की घोषणा कर दी थी।सोना रखने को अपराध घोषित कर दिया था।देशभक्ति का हवाला देकर नागरिकों से गहने दान करने,अनाज त्यागने,एकदिन उपवास करने को कह दिया था।
१९६२ में चीन से युध्द के दौरान राष्ट्रीय युध्द कोष में आभूषण दान करने का आग्रह तब के पीएम पं, नेहरू ने किया था।अपील के बाद १९६२ के स्वर्ण नियंत्रण अधिनियम के तहत सोने के स्वामित्व व व्यापार पर प्रतिबंध लगा दिया था।१९६३ तक १४ कैरेट से अधिक वाले जेवरों का उत्पादन अपराध हो गया था। १९६८ के कानून में सोने की छड़ें व सिक्के रखने को कानूनी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया था।१९६६ में इंदिरा गांधी के समय सोने की खरीदी को विदेशी मुद्रा की बरबादी बताया गया था।पीएम मनमोहन सिंह के समय तीन महीने के भीतर चार बार लोगों से सोना नहीं खरीदने की अपील की गई थी।राहुल गांधी ने बिना यह जाने कि ऐसे संकट में कांग्रेस ने वही किया था जो आज पीएम मोदी कर रहे है, खुद को और कांग्रेस को हंसी का पात्र बना दिया है।
पीएम मोदी ने देशवासियों से सामूहिक रूप से विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की है।पं.एशिया में तनाव के कारण विश्व में ऊर्जा संकट है।इस संकट से निपटने के लिए ही उन्होंने यह अपील की है।यह सही भी है देश में संकट आने पर हमेशा ऐसा ही किया जाता है। देश पर आए संकट से सामूहिक प्रयास से ही निपटा जा सकता है।पहले भी संकट से देश ने सामूहिक रूप से ही निपटा था और आज भी पीएम मोदी देशवासियों को बता रहे हैं कि संकट क्या है। इससे कैसे निपटा जा सकता है। इससे देशवासियों को किसी तरह की तकलीफ न हो इसके लिए पीएम मोदी दो महीनो में बहुत कुछ किया है। यह संकट आने वाले दिनों में बढ़ सकता है इसलिए पीएम मोदी देश के लोगों को बता रहे है कि इसस निपटने के लिए सबको प्रयास करना होगा। तकलीफ होगी तो सबको होगी और सबके प्रयास करने से तकलीफ कम होगी। संकट के समय देश एकजुट रहता है तो संकट से आसानी से निपटा जा सकता है. यही पीएम मोदी चाहते है, इसे राहुल गांधी समझ नहीं पा रहे हैं।
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