बेमेतरा (वीएनएस)। ग्राम पंचायत खुरूसबोड़ (आर), तहसील थानखम्हरिया के ग्राम खुरूसबोड़ में शासकीय भूमि पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत नवीन तालाब निर्माण का प्रस्ताव ग्राम सभा की बैठक 25 जून 2025 में पारित किया गया था। इसके उपरांत ग्राम पंचायत द्वारा 22 सितंबर 2025 को पारित प्रस्ताव के माध्यम से प्रस्तावित स्थल से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।
पंचायत द्वारा स्थल निरीक्षण के दौरान पाया गया कि शासकीय भूमि पर कोठार, बाड़ी एवं अन्य संरचनाएं बनाकर अतिक्रमण किया गया है। इस संबंध में संबंधित व्यक्तियों को क्रमशः 23 अक्टूबर 2025, 18 नवंबर 2025 एवं 26 दिसंबर 2025 को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने हेतु अवसर प्रदान किया गया।
नोटिस जारी होने के बाद भी कुछ व्यक्तियों द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाया गया तथा टेकसिंह पिता जयसिंह एवं हिरदे पिता जगेशर द्वारा संबंधित भूमि पर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया। इसके बाद ग्राम पंचायत द्वारा निर्माण कार्य रोकने एवं अतिक्रमण हटाने के संबंध में तहसीलदार न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश जारी कर संबंधित पक्षों से दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। प्रकरण में प्रस्तुत जवाब के दौरान संबंधित व्यक्तियों द्वारा लंबे समय से कब्जा होने की बात कही गई, किंतु भूमि पर वैध स्वामित्व अथवा अधिकार संबंधी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। राजस्व अमले द्वारा दिए गए प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि स्थगन आदेश के बावजूद एक पक्ष द्वारा निर्माण कार्य जारी रखा गया।
ग्राम पंचायत के प्रस्ताव एवं राजस्व अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस बल की उपस्थिति में चरणबद्ध रूप से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान अधिकांश अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं। तालाब निर्माण हेतु प्रस्तावित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया शासन के नियमानुसार जारी है। पंचायत एवं राजस्व अभिलेखों के अनुसार संबंधित भूमि शासकीय घास मद में दर्ज है तथा उक्त भूमि पर किसी प्रकार के आवास निर्माण की स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है। संबंधित परिवार का मूल आवास आबादी भूमि खसरा क्रमांक 498 में स्थित है, जहां आवास निर्माण हेतु प्रस्ताव स्वीकृत था।
अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवास का निर्माण निर्धारित स्थल पर किया जाना आवश्यक होता है। निर्धारित स्थल पर निर्माण नहीं किए जाने के कारण आगे की किश्तों का भुगतान नहीं किया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर प्रस्तावित तालाब निर्माण कार्य ग्राम सभा एवं ग्राम पंचायत के प्रस्तावों के अनुरूप किया जा रहा है। यह परियोजना जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन तथा ग्रामीण हितों को ध्यान में रखते हुए स्वीकृत की गई है। प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।
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