एमसीबी (वीएनएस)। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में आम नागरिकों के लिए आर्थिक राहत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बन रही है। योजना के माध्यम से लोग स्वच्छ ऊर्जा अपनाकर न केवल बिजली बिल में उल्लेखनीय बचत कर रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जिले के विकासखंड मनेन्द्रगढ़ निवासी आशीष मजूमदार इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आए हैं।
लगभग सात महीने पहले आशीष मजूमदार ने प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने घर की छत पर सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कराया। योजना के अंतर्गत उन्हें भारत सरकार से 78,000 तथा छत्तीसगढ़ शासन से 30,000 की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे सोलर संयंत्र लगाने की लागत काफी कम हो गई। इस आर्थिक सहयोग ने उन्हें स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया।
आशीष मजूमदार बताते हैं कि सोलर सिस्टम स्थापित करने से पहले उनका मासिक बिजली बिल सामान्य दिनों में 2,000 से 3,000 तक आता था, जबकि गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर और अन्य विद्युत उपकरणों के अधिक उपयोग के कारण यह बढ़कर करीब 5,000 तक पहुंच जाता था। लेकिन सोलर रूफटॉप सिस्टम लगने के बाद पिछले सात महीनों से उनका बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। इससे हर महीने हजारों रुपये की बचत हो रही है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है।
उन्होंने बताया कि अब उनके घर की अधिकांश बिजली आवश्यकता सौर ऊर्जा से पूरी हो रही है। बिजली बिल पर होने वाली बचत का उपयोग वे बच्चों की शिक्षा, घरेलू आवश्यकताओं तथा भविष्य की योजनाओं में कर रहे हैं। साथ ही जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होने से पर्यावरण संरक्षण में भी उनका योगदान सुनिश्चित हो रहा है। आशीष मजूमदार ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घरेलू मुफ्त बिजली योजना मध्यमवर्गीय एवं सामान्य परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है। उन्होंने जिले के अन्य नागरिकों से भी इस योजना का लाभ उठाकर अपने घरों में सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित करने की अपील की। उनका कहना है कि एक बार सोलर संयंत्र स्थापित होने के बाद वर्षों तक बिजली बिल की चिंता काफी हद तक समाप्त हो जाती है और परिवार को स्थायी आर्थिक राहत मिलती है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से जिले में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ लोगों में अक्षय ऊर्जा के प्रति विश्वास भी बढ़ रहा है। यह योजना न केवल बिजली बिल में बचत सुनिश्चित कर रही है, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत और हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। जिले में बढ़ती जनभागीदारी इस बात का प्रमाण है कि स्वच्छ ऊर्जा अब केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण का भी प्रभावी आधार बन रही है।
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