पीएम मोदी का नया प्रयोग ऱॉक स्टार अवतार

Posted On:- 2026-09-09




सुनील दास

सबसे अच्छा लीडर वह होता है जो लोगों से जुड़ने व लोगों को अपने से जोड़ने के लिए नए आइडियों की तलाश में रहता है,ठीक मौके पर उस आइडिए पर अमल करता है। इससे वह नए लोगों को अपने से जोड़ता भी है और नए लोगों से जुड़ता भी है,साथ ही वह अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के साथ है यह भी जांच करता रहता है कि कही उसकी जो साख है लोगों के बीच वह कम तो नहीं हुई है।पीएम मोदी देश के ऐसे ही सबसे अच्छे लीडर है,वह नए प्रयोग करने में सबसे आगे रहते हैं,वह रिस्क उठाने में सबसे आगे रहते हैं।वह रिस्क उठाते हैं, इसलिए वह सबसे ज्यादा सफल भी होते हैं।उन्होंने राजनीति में लोगों से जुड़ने के लिए कई तरह के प्रयोग किए है,राजनीति में सबसे पहले सोशल मीडिया का प्रयोग उन्होंने ही किया। चुनाव में चाय पर चर्चा का आयोजन कर नया प्रयोग किया।मन की बात से वह देश के लोगों से हर सप्ताह जुड़ते हैं,परीक्षा पर चर्चा के जरिए वह छात्रों से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा युवा इनफ्लूएंसर्स,स्टार्ट अप चलाने वाले युवाओं से हर साल बात करते हैं।जेनजी से जुड़ने की बात आई तो वह खुद इंस्टाग्राम में जाकर जेन जी से जुड़ने के लिए पहल की।वहां भी अपने समर्थकों की खूब संख्या बढ़ाई।
इसके अलावा वह सरकारी व निजी विवि के खास कार्यक्रमों में जाकर भी युवाओं से मिलते रहते हैं।युवाओं को विकसित भारत का अपना लक्ष्य बताते हैं और उससे देश के युवाओं को जोड़ते हैं और बताते हैं कि विकसित भारत के लक्ष्य को देश युवाओं के सहयोग से ही पा सकता है। वह विकसित भारत को देश का लक्ष्य बताते हैं, उसे पाने के लिए हमेशा युवाओं को प्रेरित करते रहते हैं।वह खुद बड़ा काम करते हैं,कुछ नया करने की सोचते हैं और देश के युवाओं को भी हमेशा बड़ा करने के लिए प्रेरित करते हैं, कुछ नया करने के लिए प्रेरित करते हैं।वह कुछ नया करने से नहीं डरते हैं,वह नहीं सोचते हैं कि नया करने पर असफल होने पर उनका मजाक उड़ाया जाएगा।यही वजह है कि वह ७० साल के ज्यादा होने के बाद युवाओं की तरह कुछ नया करते हुए उत्साह से भरे रहते हैं।देश की राजनीति में उनका राकस्टार का नया अवतार इसी तरह का प्रयास है। वह देश के उम्रदराज नेता है और देश के युवाओं से जुड़ने के नया प्रयास किया और उनके नये प्रयास को युवाओं ने खूब पसंद किया है।
पीएम मोदी का व़डोदरा मे आयोजित कार्यक्रम था तो सरकारी कार्यक्रम लेकिन इस बार पीए मोदी ने उसे नया स्वरूप दिया। जैसे किसी राकस्टार के कार्यक्रम में स्टेज होता है, जैसा माहौल होता था, वैसा स्टेज बनाया गया, वैसे ही गाने बजाए गए,पीए मोदी स्टेंज मे युवाओं को पसंद आने वाले बजते हुए गानों के बीच स्टेज पर आये तो वह राजनीति के नए राक स्टार की तरह आए और उनके इस राकस्टार वाले अंदाज को युवाओं ने खूब पसंद किया।होने को देश में एक से एक खुद को युवा समझने वाले नेता हैं लेकिन किसी को यह आइडिया नहीं सूझा की युवाओं से ऐसे भी जुड़ा जा सकता है और ऐसे भी जोड़ा जा सकता है।कार्यक्रम का आयोजन तो ३५ हजार करोड़ परियोजना का लोकार्पण व शिलान्यास का था लेकिन इस कार्यक्रम को पीएम मोदी एक बोरिंग सरकारी कार्यक्रम की जगह युवाओं के लिए रोचक कार्यक्रम बना दिया। ऐसा आज तक किसी पीएम के कार्यक्रम में नहीं किया गया था।सब परंपरागत तरीकों पर ही अमल करते रहे हैं। यानी परंपरा बना दी गई थी कि पीएम का कार्यक्रम है तो वह एक पुराने ढर्रे पर ही होगा।
पीएम मोदी पहले ऐसे नेता है जो देश के लोगों के बीच अपनी साख की जांच करते रहते हैं और जांच करने का उनका अपना तरीका है। वह देश के पहले ऐसे नेता हैं जिनका देश की जनता पर पूरा भरोसा है और देश की जनता भी उन पर बहुत भरोसा करती है। सबसे पहले पीएम मोदी ने अपनी साख की परीक्षा कोरोना के वक्त की। यह बड़ा रिस्की काम था लेकिन पीएम मोदी ने किया। कोराना संकट के समय सेना या पुलिस का कर्फ्यू लगाने की जगह उन्होंने जनता से कर्फ्यू लगाने का आव्हान किया और देश की जनता ने ऐसा किया। यह नेता व जनता के बीच परस्पर भरोसे का कमाल था।इसके बाद पीएम मोदी ने एक बार दिया जलाने को कहा, एक बार घंटी, शंख,थाली बजाने का कहा तो देश के लोगों ने ऐसा किया। इससे पीएम मोदी को पता चला कि देश की जनता उन पर उतना भरोसा करती है जितना भरोसा वह जनता पर करते हैं। इसी साख को जांचने का काम उन्होंने एक बार फिर से वडोदरा में किया और उनको पता चला है कि युवाओं के बीच उनकी साख बनी हुई है।
पीएम मोदी का अपनी लोकप्रियता को बढ़ाने व साख जो जांचते रहने का अपना तरीका है। वह यह काम हर चुनाव में भी करते हैंं और वह उसमें सफल रहते हैं बिहार चुनाव में उनके गमछा लहराने का व्यापक असर हुआ था तो बंगाल चुनाव में एक दुकान में रुककर झालमुड़ी खाने का असर भी व्यापक देखा गया था। पीएम मोदी हमारे देश की राजनीति के मेगा स्टार हैं वह जो कुछ भी करते हैं वह लोगों को खूब पसंद आता है। इस बार वडोदरा में उन्होंने कार्यक्रम में छह हजार लोगों को बुलाने का फैसला किया। इससे लिए एक एप में लोगों को बुकिंग करानी थी तो बुक माई शो की बुकिंग शुरू हुई तो एक घंटे में ही सभी ६ हजार सीटें बुक हो गई और ४२ हजार लोग वेटिंग में थे यानी इतने लोग कार्यक्रम में जाना चाहते थे।यानी ४८ हजार लोग पीएम मोदी के कार्यक्रम में आना चाहते थे। कहां राहुल गांधी के कार्यक्रम में दस हजार लोगों की भीड़ जुटानी पड़ती है, वहीं पीएम मोदी के कार्यक्रम में ४२हजार लोग खुद आना चाहते हैं.इसी से पता चलता है कि पीएम मोदी देश के सबसे लोकप्रिय नेता है और राहुल गांधी उनके बहुत पीछे हैं।



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