कानून लोगों के भले के लिए बनाए जाते हैं, देश में, राज्य में एक व्यवस्था बनाए रखने के लिए होते हैं ताकि अव्यवस्था न हो और सभी लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। कानून सबसे लिए समान होते हैं, वह बड़े के लिए जैसा है,छोटे के लिए भी वैसा ही है। कानून का उल्लंघन कर पर बड़े और छोटे दोनों को समान सजा मिलेगी। सैध्दांतिक तौर पर ऐसा कहा जाता है लेकिन व्यवहारिक तौर पर कई बार ऐसा संभव नहीं होता है।कानून का उल्लंघन करने पर आम आदमी का चालान तो तुरंत काट दिया जाता है लेकिन कोई अधिकारी या मंत्री हो तो चालान काटने वाले की हिम्मत नहीं होती है कि वह अधिकारी या मंत्री को बताए कि आपने कानून का उल्लंघन किया है।
कई बार ऐसा होता है कि किसी को कोई बड़ा पद मिल जाता है तो पद के साथ आदमी में इतना अहंकार आ जाता है कि वह खुद को कानून से ऊपर समझने लगता है। वह सोचता है कि कानून अब मेरे लिए नहीं हैं,कानून तो सामान्य लोगों के लिए हैं, मैं अब पद पर हूं इसलिए अब मैं सामान्य नहीं खास हो गया हूं। ऐसे लोगों को कोई भी कानून तोड़ने पर कुछ कहता है तो ऐसे ही लोग कहते हैं कि तू मेंरे को जानता नहीं है, मैं तेरी वर्दी उतरवा सकता हूं। ऐसे लोग ही तुरंत फोन किसी नेता,मंत्री की धौंस देने लगते हैं।आम लोग यह सब देखते हैं तो उनको लगता हैं कि कानून खाली हमारे लिए हैं। कानून कमजोर लोगों के लिए हैं।जो किसी बड़े पद पर हैं, कानून उनके लिए नहीं है।
ऐसे में यह अपेक्षा कैसे की जा सकती है कि कानून है तो सबके लिए है, कानून है तो सबको कानून का पालन करना पड़ेगा।आम लोग तो रोज सड़क पर देखते हैं कि कानून का मजाक रोज बड़े लोग कैसे उड़ाते हैं,ऐसे में उनकी भी कानून का पालन करने की इच्छा खत्म हो जाती है। ऐसे में ही कोई कानून जो लोगों के भले के लिए है, उसका पालन भी आम लोग नहीं करते हैं और इसका खामियाजा भी उनको भुगतना पड़ता है। यातायात पुलिस साल में एक माह सड़क सुरक्षा माह मनाती है,लोगों को समझाती है कि दो पहिया वाहन चला रहे हैं तो हेलमेट पहने कर चलाए। यह नियम है तो सबके लिए हैं क्योंकि हादसा होने पर सिर पर हेलमेट न हो ताे खास आदमी या बड़े आदमी की भी जान जा सकती है और आम आदमी की भी जान जा सकती है।
इसलिए बड़ी पोस्ट पर कोई है तो उसकी बड़ी जिम्मेदारी है कि वह सड़क सुरक्षा सप्ताह में घर दोपहिया पर निकले तो हेलमेट पहन कर निकले ताकि लोगों को संदेश जाए कि देखो यह बड़ा आदमी है, मंत्री है और हेलमेट पहन कर वाहन चला रहा है, इससे आम लोगों को प्रेरणा मिलती है कि बड़े लोग जब नियम का पालन कर रहे हैं तो हम लोगों को अपने भले के लिए नियम का पालन करना चाहिए। ऐसे में अखबार में सीएम की फोटो छपती है कि वह दोपहिया हेलमेट लगाकर चला रहे हैं तो लोगों के लिए मैसेज होता है कि राज्य में सबको दोपहिया वाहन हेलमेट पहन कर चलाना चाहिए।कोई नियम हो कानून हो इसका पालन जब बड़े लोग करते हैं तो छोटे लोग उनसे सीखते हैं कि नियम का पालन करना जरूरी है। सबको नियम का पालन करना चाहिए।
ऐसे में अगर किसी मंत्री की फोटो छप जाती है कि वह बिना हेलमेट के वाहन चला रहे हैं तो इसका गलत मैसेज जाता है। मंत्री ने बिना हेलमेट वाहन चलाया है तो वह गलत उदाहरण पेश कर रहे हैं लोग यह देखते हैं कि सीएम हेलमेट लगाकर वाहन चला रहे हैं और उनका मंत्री बिना हेलमेट लगाए वाहन चला रहा है तो लोगों के मन मे यह सवाल आ सकता है कि यह कैसा मंत्री है, जब सीएम हेलमेट लगाकर वाहन चला कर लोगों को मैसेज दे रहे हैं कि सबको हेलमेट पहनकर वाहन चलाना चाहिए तो मंत्री की प्रकाशित फोटो से तो गलत मैसेज चला गया। लोगों को यह भी लग सकता है कि जब मंत्री ही हेलमेट लगाकर वाहन नहीं चला रहा है तो हम क्यों चलाए। बड़े लोगों को एक ताे सार्वजनिक गलती नहीं करनी चाहिए,गलती हो जाए तो उसके लिए माफी मांगनी चाहिए कि गलती हो गई अब ऩहीं होगी।
किसी भी प्रदेश में कितना भी रसूखदार नेता या कोई प्रभावशाली व्यक्ति हो, अगर उसने अपराध किया है तो आम लोग तो यही चाहते हैं कि उसे सजा जरूर मिलनी चाहि...
ईरान-इजराइल व अमरीका के बीच चल रहे युध्द को एक माह से ज्यादा हो गया है।ईरान और इजराइल के बयानों से तो नही लगता है कि वह युध्द समाप्त करने को तैयार ...
पीएम मोदी व अमित शाह के नेतृत्व में देश व छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का सफाया हो जाना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि कई दशकों में किसी स...
राजनीति में किसी राष्ट्रीय समस्या का कोई समाधान होता है तो उसका श्रेय तो उस सरकार को मिलता है जो समाधान के समय राज्य व केंद्र की सत्ता में होती है।
छत्तीसगढ़ में देश के पहले खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स का शुभारंभ हुआ यह राज्य के लिए गौरव की बात है।इस आयोजन में ३० राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों क...
सरकारी कर्मचारियों की काम करने की अपनी एक आदत होती है। बरसों से वह अपने आदत के अनुसार ही काम करते आए हैं।वह मानते हैं कि जितना काम वह करते हैं, वह ...