11 दिव्यांगों को मिले जयपुर पैर, परिवार के साथ लिया व्यसन मुक्ति का संकल्प

Posted On:- 2026-05-07




रायपुर (वीएनएस)। भारतीय जैन संघटना महिला शाखा चौबे कॉलोनी द्वारा विनय मित्र मण्डल के सहयोग से 11 जयपुर पैर का वितरण किया गया। जयपुर पैर पहनकर सभी दिव्यांग अपने पैरों पर चलकर ख़ुशी ज़ाहिर करने लगे, और उनकी ख़ुशी देखते बन रही थी। सभी दिव्यांग भाई बहनों ने परिवार सहित माँसाहार त्याग और मदिरा सेवन न करने का संकल्प लिया और सभी को बिस्किट व ठंडा वितरण भी किया।

कार्यक्रम में अध्यक्ष संध्या जैन व सचिव कल्पना देशलहरा ने व्यसन मुक्ति हेतु प्रेरित किया । कार्यक्रम में विनय मित्र मंडल के संस्थापक व पूर्व अध्यक्ष महेन्द्र कोचर , खेमराज जी बैद , ने इस कार्यक्रम में शिरकत की । विनय मित्र मण्डल के संस्थापक  महेन्द्र कोचर व पूर्व अध्यक्ष  खेमराज बैद ने बताया कि संस्था द्वारा 1986 से संचालित जयपुर पैर के स्थायी वर्कशॉप में 25 हजार से ज़्यादा कृत्रिम पैरों का निर्माण कर वितरण किया गया है। ये जयपुर पैर बहुत उपयोगी साबित हुए हैं । महेन्द्र कोचर ने कहा मानव सेवा ही माधव सेवा है। कार्यक्रम में श्रीमती बसंती गोलछा , संध्या जैन , कल्पना देशलहरा , प्रमोद चोपड़ा , प्रमिला जैन आदि सदस्यों ने अपने भरपूर सहयोग के साथ उपस्थिति दी। 



Related News
thumb

IPL टिकट के नाम पर बड़ा स्कैम: मैच से पहले फर्जी वेबसाइट्स से ठगी शुरू

राजधानी रायपुर के नवा रायपुर में एक बार फिर आईपीएल का रोमांच लौटने जा रहा है। 10 और 13 मई को यहां आईपीएल मैच आयोजित होने हैं, लेकिन मैच से पहले ही...


thumb

DRI की बड़ी कार्रवाई: हंस ट्रैवल्स के ऑफिस से नोटों से भरे 3 बोरे जब्त

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हंस ट्रैवल्स कार्यालय से नोटों से भरे तीन...


thumb

रायपुर में संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने से हड़कंप

राजधानी के रावाभाठा इलाके में एक मकान से देसी बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली संदिग्ध सामग्री मिलने से सनसनी फैल गई।


thumb

कबीरधाम पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बैगा जनजाति के 13 बच्चों को बंधुआ म...

कबीरधाम जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैगा जनजाति के 13 नाबालिग बच्चों को बंधुआ मजदूरी और बाल तस्करी से मुक्त कराया है। मामले में पुलिस ...


thumb

मोतियाबिंद का प्राकृतिक उपचार, काला अर्क से आखों का ईलाज

छत्तीसगढ़ राज्य वनों से आच्छादित राज्य है, यहां के वनों में निवासरत परम्परागत वैद्यों के वनौषधियों का ज्ञान इसे और समृद्धशाली बनाता है। परम्परागत व...