वही बाहर आता है जो आदमी के भीतर होता है

Posted On:- 2026-08-24




सुनील दास

कोई भी क्षेत्र हो,उस क्षेत्र का आदमी जो कुछ कहता है,उससे पता चलता है कि उसके भीतर क्या है और जो भीतर होता है, वही बाहर आता है। ऐसा हो नही सकता कि आदमी के भीतर जो नहीं है, वह उसकी बातों के जरिए बाहर आ जाए।आदमी की बातों के जरिए वही बाहर आता है, जो उसके भीतर होता है।कांग्रेस और राहुल गांधी के बारे में सब जानते हैं कि सनातन,हिंदू धर्म के विरोधी है।यही वजह है कि वह किसी भी मंच पर किसी भी विषय में कोई बात कहें,सनातन और हिंदू धर्म विरोधी बातें उनके मुंह से निकल ही जाती हैं।वह सनातन व हिंदू धर्म को दूसरे धर्मो से ज्यादा बुरा बताने का प्रयास करते हैं।यही वजह है कि जब वह स्त्री स्वतंत्रता की बात करते हैं, उनके अधिकारों की बात करते हैं तो वह मनुस्मृति की बात जानबूझकर करते हैं ताकि यह बताया जा सके कि आज भी बहुसंख्यक हिंदू समाज में जो नारी स्वतंत्रता का जो विरोध होता है,उसकी जडे़ मनुस्मृति में हैं।
राहुल गांधी जब पुणे कार्यक्रम मे कहते हैं कि मनु स्मृति में कहा गया है कि बचपन में महिला को पिता के अधीन होना चाहिए,युवावस्था में पति के अधीन होना चाहिए और पति के न रहने पर पुत्र के अधीन रहना चाहिए। एक महिला कभी आजाद नहीं हो सकती है।एक समस्या है और काफी बड़ी समस्या है,जब भी मैं पुरुषों से बात करता हूं तो महिलाओं को तीन बाक्स में रखा जाता है,बेटी,मां या पत्नी के रूप में।मां,पत्नी व बेटी के रूप में देखे जाने मे कोई बुराई नहीं है।लेकिन सिर्फ यही उनकी पहचान नही हो सकती। महिलाएं प्रोफेशनल खिलाड़ी, लीडर, ,आंत्रपेन्योर बहुत कुछ हैं लेकिन पुरुष उन्हें यह तीन पहचान ही देते हैं।इन तीनों पहचानों का पुरुषों से रिश्ता है।चाहे मां हो, बेटी हो या पत्नी हो।इससे साफ हो जाता है कि राहुल गांधी भी वही बात कर रहे हैं जो आजादी के बाद से वामपंथी करते आए हैं।
देश की ताकत हिंदू समाज हैं। देश की ताकत सनातन हैं। इसलिए वामपंथियों ने कई तरह से हिंदू समाज को कमजोर करने का प्रयास आजादी के बाद किया है।हिंदू समाज की ताकत उसकी परिवार की इकाई है,इसलिए परिवार को सबसे पहले कमजोर करने का प्रयास किया गया।परिवार की मजबूती का आधार नारी है, इसलिए हिंदू समाज की महिलाओं को आजादी,स्वावलंबन,अधिकार के नाम पर भड़काने का प्रयास किया गया।संयुक्त परिवार को समस्या बताया गया और एकल परिवार को अच्छा बताया गया।इसी का परिणाम है कि आज देश में संयुक्त परिवार कम हो गए हैं और इसका खामियाजा देश की नई पीढ़ी को भुगतना पड़ रहा है।संयुक्त परिवार में बच्चों के जो संस्कार मिला करते थे,वह एकल परिवार दे नहीं पा रहा है। यही वजह है कि बच्चे आज पहले के बच्चों की तरह संस्कारी नहीं रह गए हैं।एकल परिवार के लिए समस्या हो गए है और एकल परिवार बच्चों को न समझ पा रहा है और न समझा पा रहा है।
राहुल गांधी व कांग्रेस पीएम मोदी के आने के बाद से सबसे ज्यादा परेशान हैं क्योंकि पीएम मोदी ने कांग्रेस की बरसों की मेहनत पर पानी फेर दिया है,उन्होंने जिस हिंदू समाज काे बरसों में कमजोर कर दिया था और वह हिंदू समाज फिर से जाति,भाषा,राज्य के दायरें से बाहर निकल एकजुट हो रहा है और यही समाज पीएम मोदी व भाजपा की ताकत है।पीएम मोदी ने २०१४ के बाद सबसे ज्यादा काम किया है तो समाज के आर्थिक रूप से मजबूत करने का और महिलाओं को सबसे ज्यादा महत्व देने का। पीएम मोदी के आने के बाद महिलाओं के नाम से मकान है,राशन कार्ड है,उसे हर जरूरी सुविधा मोदी सरकार ने दी है।इससे देश का सबसे बड़ा वोट बैंक मोदी के साथ है और महिलाएं पीएम मोदी व भाजपा की जीत का मजबूत आधार हैं। यही वजह है राहुल गांधी जेन जी और छात्राओं को अन्याय,स्वतंत्रता के नाम पर भड़का रहे हैं। पीएम मोदी के मजबूत महिला वोट बैंक को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।
राहुल गांधी पहली बार ऐसा नहीं कर रहे हैं वह महिला वोट बैंक में सेंध लगाने का प्रयास पिछले चुनाव में भी कर चुके हैं वह महिलाओं को खटाखट पैसा देने का वादा करके देख चुके हैं। महिलाओं ने राहुल गांधी पर भरोसा नहीं किया। पं.बंगाल की महिलाओं,बिहार की महिलाओं ने हाल के चुनाव में दिखाया है कि वह पीएम मोदी पर भरोसा करती हैं।वह जानती हैं कि पीएम मोदी जब तक हैं,उनको हर तरह की सुविधा मिलती रहेगी। राहुल गांधी जेनजी व छात्राओं के गुस्से को बढ़ा सकते हैं,पीएम मोदी के खिलाफ करने का प्रयास कर सकते हैं लेकिन वह हमेशा की तरह असफल ही रहेंगे क्योंकि देरसबेर सबको पीएम मोदी समझा देंगे कि देश का भला पीेएम मोदी व भाजपा ही कर सकते हैं और यह सच भी है। पिछले १२ सालों में पीएम मोदी ने देश के भले के लिए जो कुछ किया है वह कांग्रेस भी ५० साल में कर सकती थी लेकिन किया नहीं यही उसकी सबसे बड़ी खामी है।इस खामी को आज देश की जनता बखूबी जानती है।



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