बहस से साबित हुआ ज्यादा मकान तो भाजपा सरकार ने बनाए

Posted On:- 2026-09-16




सुनील दास

राजनीतिक दलों के बीच तो रोज आरोप प्रत्यारोप होते रहते हैं।यह तो रोज की लड़ाई होती है,इस लड़ाई में न कोई हारता है,न कोई जीतता है।दोनों पक्ष विपक्ष है इसलिए रोज लड़ते हैं, बातों की लड़ाई रोज होती है।उनके पास मुद्दों की कोई कमी नहीं होती है, वह किसी भी मुद्दे को गंभीर व बड़ा मुद्दा बनाकर आपस में लड़ सकते हैं वह किसी भी मुद्दे पर एक दूसरे की आलोचना कर सकते हैं। वह किसी भी मुद्दे पर एक दूसरे को एक दूसरे से श्रेष्ठ बता सकते हैं, साबित कर सकते हैं। लेकिन श्रेष्ठ तो वही होता है जो सत्ता पर होता है।जनता जिसके साथ होती है, वही बेहतर माना जाता है और जो चुनाव में हार जाता है वह पांच साल के लिए कमतर घोषित हो जाता है।जो कमतर होता है वह रोज बेहतर को कमतर साबित करने का प्रयास करता है और जो बेहतर है वह कमतर को याद दिलाता रहता है कि तू कमतर है तो कमतर क्यों है और पांच साल तक तो कितना भी प्रयास कर ले कमतर ही रहेगा।
आरोप प्रत्यारोप तो रोज होते रहते हैं,यह कोई नई बात नहीं है। एक दूसरे को किसी मुद्दे पर चुनौती देना भी कोई नई बात नहीं है। चुनौती देने पर चुनौती स्वीकार करके बहस के आ जाना और बहस होना जरूर छत्तीसगढ़ के इतिहास में नई बात है। बहस वह भी रायपुर के प्रेस क्लब में जरूर नई बात है। पीएम आवास योजना को लेकर कांग्रेस कई बार सवाल खड़ा करती रही है कि भाजपा आंकड़े तो बड़े बड़े बताती है, उसके नेता आए दिन राज्य में आकर आंकड़े बताते रहते है हकीकत में जितने घर गरीबों को मिले नहीं है, उससे अधिक आंकड़े बताए जाते हैं। पीएम आवास योजना को लेकर कांग्रेस के सवाल उठाने पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल को चुनौती दे दी कि वह कहीं उनसे इस विषय में बहस कर ले। जगह थी प्रेस क्लब रायपुर। डिप्टी सीएम विजय शर्मा की चुनौती स्वीकार करने पूर्व सीएम भूपेश बघेल प्रेस क्लब पहुंच गए और वह बहस हो गई जो ऐतिहासिक मानी जा रही है। 
पूर्व सीएम भूपेश बघेल व डिप्टी सीएम विजय शर्मा के बीत प्रेस क्लब में आंकड़ों के साथ तीखी बहस हुई। दोनों तरफ से मकान कितने स्वीकृत हुए और कितने बनाए गए आंकड़े पेश किए गए और एक दूसरे पर आरोप लगाया गया कि झूठ बोल रहे हैं।मुख्यतःस्वीकृत और बनाए गए मकानों की संख्या को लेकर विवाद हुआ।भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि आप लोगों ने पीएम आवास योजना के तहत जितने मकानों की अब तक घोषणा की है।उतने मकान बनाए नहीं है।इस पर विजय शर्मा ने कहा कि हमने तो ११ लाख मकान बनाकर गरीबों को दिए हैं।कांग्रेस ने गरीबों के मकान में राजनीति कर बनाने से मना कर दिया। कांग्रेस के मंत्री टीएस सिंहदेव ने मकान नहीं बनाने के कारण मंत्री पद छोड़ दिया था। 
पीएम आवास योजना के तहत चाहे वह भूपेश बघेल के समय की बात हो या साय के समय की बात हो स्वीकृत,निर्मित मकानों की संख्या को देखा जाए तो भाजपा के समय गरीबों को ज्यादा मकान बनाकर दिए गए हैं। मकान तो भूपेश बघेल के समय भी बनाए गए हैं लेकिन उनके समय में कोरोना के कारण जितने मकान बनाए जा सकते नही बनाए जा सके। तो भूपेश बघेल का यह कहना सही कि वह अनुकूल समय में जितने मकान बनाकर दिए जा सकते थे दिए गए हैं। भूपेश बघेल के पास अपनी नाकामी छिपाने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग नहीं मिलने की बात कही गई है और भूपेश बघेल कई  बार चिट्ठी लिखकर राज्य की जनता को संदेश देते रहे हैं कि केंद्र सरकार का सहयोग नहीं मिलने के कारण वह कई काम जितना कर सकते थे नहीं कर सके।
बहस के दौरान श्री शर्मा के यह कहने पर आपकी सरकार ने गरीबों के लिए मकान नहीं बनाए इसलिए आपकी सरकार को गरीबों को हाय लगी,इस पर भूपेश बघेल ने स्वीकार किया कि हां हम गरीबों के लिए जितने मकान बनाकर दे सकते थे,उतने नहीं दे सके,इसकी सजा हमको राज्य की जनता ने दे दी है।इससे साफ हो जाता है कि जनता ने पीएम आवास मामले में जो फैसला दिया था, वह सही फैसला था।जनता तो अपनी सेवा करने वाले को खूब पहचानती है,कोई कितना भी बहाने बनाए कि हमको काम नही करने दिया,हमारी मदद नहीं की इसलिए हम जनता की सेवा नही कर सके,जनता को इससे कोई मतलब नहीं होता है कि आप सेवा क्यों नहीं कर सके,आपको जनता ने सेवा करने के लिए चुना था और आप जनता की कसौटी पर खरे नहीं उतरे इसलिए जनता ने आपको सत्ता से बाहर कर दिया है। जो  लोग सत्ता में है, वह काम कर रहे है,जनता उनके काम को भी देख रही है और चुनाव के समय जनता फैसला सुनाएगी कि वह जनता की सेवा ठीक से कर सके हैं या नहीं कर सके हैं।



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