कोई भी ऐतिहासिक अवसर होता है तो परिवार,समाज,राज्य व देश उसकी खुशी मनाता है.यह तो हमारी परंपरा है।कोई ऐतिहासिक अवसर रोज रोज तो आता नहीं है, कोई ऐतिहासिक काम रोज रोज तो होता नहीं है। किसी सदी में कोई एक आदमी होता है जो कोई ऐतिहासिक काम कर पाता है।कभी कभी सदियों बाद भी ऐसा काम नहीं हो पाता है क्योंकि समय व स्थिति हमेशा बदलते रहते हैं।किसी सदी में कोई अनुकूल समय आता है, अनुकूल स्थिति बनती है तो कोई आदमी ऐतिहासिक काम कर पाता है।पीएम मोदी ने २१ वीं सदी में ऐसा ही ऐतिहासिक काम किया है। वह २५ साल से सत्ता के शिखर पर हैं और देश के लोगों की सेवा कर रहे हैं।२५ साल की सेवा के बदले में यदि जनता खुशी के दीप जला रही है तो यह तो स्वागत करने योग्य काम है।२५ साल कहीं न कहीं पार्टी को सत्ता में रखने के बदले यदि पार्टी के नेता व कार्यकर्ता सेवा संकल्प अभियान चलाकर जनता की सेवा का काम कर रहे हैं तो यह भी तारीफ करने का काम है। दोनों काम की आलोचना तो होनी ही नहीं चाहिए लेकिन लोकतंत्र है हमारे देश में सबको अभिव्यक्ति की आजादी है तो थोड़े से लोगों को दीवाली के पहले दीवाली मनाना यह अच्छा नहीं लग रहा है तो वह आलोचना कर रहे हैं कि करोड़ो दिए जलाने की जरूरत क्या है।
लोकतंत्र में जनता ही सबसे ताकतवर होती है। जो इसकी सेवा करता है, उसे वह सत्ता के शिखर पर बिठाती है।हर पांच साल मे एक बार चुनाव होते हैं तो अच्छा काम करने पर एक बार,दो बार सत्ता के शिखर पर बिठाती है। यानी नेता कितना भी अच्छा हो,कितना भी अच्छा काम करने वाला हो,तीसरी बार तो मौका उसे जनता कम ही देती है और तीसरी बार उसे सत्ता के शिखर पर नही बिठाती है।क्योंकि निरंतर सत्ता के शिखर पर रहने पर नेता व राजनीतिक दल के नेताओं व कार्यकर्ताओं में कई तरह की बुराई आ जाती है,उनमें अहंकार आ जाता है,वह खूब भ्रष्टाचार करते हैं,वह सोचते हैं कि जनता तो उन्हें चुनने के लिए मजबूर है,तब जनता उसे सत्ता के अर्श से हकीकत के फर्श पर पटक देती है और एहसास दिलाती है कि जनता सब कुछ देखती है और ठीक समय पर ठीक फैसला सत्ता से अहंकारी व भ्रष्ट लोगों को हटाकर करती है। हाल ही में जनता ने बंगाल मे ममता को, केरल में पिनराई को व तमिलनाडु में स्टालिन को सत्ता से इसी वजह से हटाया है।उऩके अहंकार को तोडा़ है,उनको बताया है कि जनता के पास हर राजनीतिक दल का विकल्प होता है।जनता जब चाहे कोई विकल्प खड़ा कर सकती है।
ऐसे में पीएम मोदी को जनता २५साल से सत्ता के शिखर पर बिठाए हुए है तो यह देश ही नहीं विश्व के लोकतंत्र में एक चमत्कार की ही तरह है।सवाल उठना स्वाभाविक है कि पीएम मोदी ने ऐसा चमत्कार किया है तो देश ही नही पूरे विश्व में ऐसा कोई नेता दूसरा क्यों नही हुआ जिसने ऐसा चमत्कार किया हो।लोकतंत्र मेँ २५ साल तक सत्ता के शिखर बने रहना वाकई में ऐसा काम है जिसे हमारे देश में तो पीएम मोदी के अलावा कोई दूसरा नेता नहीं कर सका है।यह काम तो वही नेता कर सकता है जिस पर जनता अटूट भरोसा करती हो।पीएम मोदी १३ गुजरात में सीएम के रूप में वह १२ साल देश के पीएम के रूप में सत्ता के शिखर पर हैं।इससे साफ हो जाता है कि जनता को उन पर पिछले २५ साल अटूट भरोसा है कि सत्ता के शिखर बिठाने के लिए यही एक सही आदमी है।काम करने वाला आदमी है,ईमानदार बने रहने वाला आदमी है।निरंतर सत्ता में रहकर ईमानदार बने रहना भी तो सबसे कठिन काम होता है,यह कठिन काम पीएम मोदी ने किया है।२५ साल सत्ता मे रहकर ईमानदार बने रहना,वाकई में ऐतिहासिक उपलब्धि है।देश की जनता व भाजपा के लिए खुशी मनाने का अवसर है कि ऐसा नेता हमारे पास है,जो सदियों में कभी पैदा होता है देश व जनता की सेवा करने के लिए है।
हमारे देश मे खुशी मनाने के कई तरीके होते हैं।सदियों से एक तरीका घर व बाहर रोशनी करके खुशी मनाना है, इसमें रोशनी के लिए पुराने समय से दीप जलाए जाते हैं।भाजपा चाहती तो कोई आधुनिक तरीके से भी मोदी के जन्मदिन व मोदी के सत्ता शिखर पर २५ साल तक रहने को मना सकती थी लेकिन उसने वही पुराना तरीका अपनाया और उसमें आम लोगों को शामिल किया। भाजपा पार्टी के तौर पर मनाती तो यह पार्टी की खुशी की बात होती भाजपा ने आम लोगों को इस खुशी के मौके पर जोड़कर इसे आम लोगों के लिए खुशी का अवसर बनाया है।देश भर में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी नेता के जन्मदिन पर करोड़ो दिए जलाए गए और उनकी दीर्घायु की कामना की गई। देश में एक से एक नेता हुए हैं लेकिन किसी का जन्मदिन आज तक इस तरह नहीं मनाया गया है जिस तरह पीएम मोदी का मनाया गया है।
छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार है,स्वाभाविक है यहां भी पीएम मोदी का जन्मदिन बड़े पैमाने पर मनाया गया है और उसे पार्टी की खुशी के साथ जनता की खुशी की तरह मनाया गया। पार्टी की खुशी मे जनता को शामिल कर भाजपा ने जनता को अपने से जोड़ा है और जनता से वह भी जुड़ी है।यह खुशी का मौका जनता के कारण ही तो आया है,यह खुशी का मौका जनता के लिए भी है।यह संदेश देकर भाजपा ने फिर एक बार जनता का दिल जीता है। जनता के भरोसे को जीतने में तब आसानी होती है जब कोई राजनीतिक दल जनता को जोड़ने व जनता से जुड़ने का कोई मौका नहीं छोड़ता है। भाजपा यह काम जितनी कुशलता से करती है,कांग्रेस कर नही पाती है जबकि वह भाजपा से ज्यादा पुरानी पार्टी है।उसके नेता हर काम की आलोचना करते रहते है।वह समझ नहीं पाते हैं कि जनता आलोचना से प्रभावित नहीं होती है, जनता काम से प्रभावित होती है।जनहित के काम से प्रभावित होती है। जो उसे प्रभावित कर पाता है,उस पर भरोसा करती है।जिस पर वह भरोसा करती है,उसे सत्ता पर २५ साल तक बनाए भी रखती है।पीएम मोदी २५ साल से सत्ता के शिखर पर है तो इसी आधार पर यह माना जा सकता है कि जनता उनपर अटूट भरोसा करती है।
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