राम मंदिर चढ़ावा चोरी को कांग्रेस बड़ा मुद्दा बना पाएगी

Posted On:- 2026-07-13




सुनील दास

राजनीति में मुद्दे सामने आते रहते हैं,कई मुद्दे अपने आप में बड़े होते हैं,कई मुद्दे बड़े नहीं होते हैं, उनको बड़ा मुद्दा बनाने का प्रयास राजनीतिक दल करते हैं लेकिन राजनीतिक दल किसी मुद्दे को बड़ा मुद्दा बनाने में सफल हुए या नहीं, इस बात का पता तो चुनाव में चलता है चाहे वह किसी राज्य का चुनाव हाे या लोकसभा चुनाव हो।विपक्ष में कांग्रेस ही सबसे पुरानी व बड़ा राजनीतिक पार्टी है।कुछ राज्यों में उसकी सरकार है और कई राज्यों में वह भाजपा का विकल्प है।उसके नेता राहुल गांधी तो हर मुद्दे को बड़ा मुद्दा बताते हैं लेकिन उनकी कमजोरी या विशेषता यही है कि वह किसी मुद्दे को बड़ा नहीं बना पाते हैं। वह कहते हैं बड़ा मुद्दा है, बड़ा घोटाला है,देश के लोग नाराज है,जनता में नाराजगी है,यह सरकार एक साल में गिर जाएगी लेकिन जब भी चुनाव होता है तो पता चलता है कि कांग्रेस जिसे बड़ा मुद्दा समझ रही थी,जनता तो उसे बड़ा मुद्दा नहीं मानती है।जनता कांग्रेस की तुलना में भाजपा पर ही ज्यादा भरोसा करती है।जनता केंद्र हो या राज्य हो सत्ता भाजपा को ही सौंप देती है।

राहुल गांधी का पिछले कुछ सालों में सबसे प्रिय विषय है चोरी।उनको लगता है कि हर जगह चोरी हो रही है।कहीं वोट चोरी हो रही है तो कहीं सीट चोरी हो रही है,भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर चोरी कर रहे हैं और कांग्रेस देख रही है और रोक नहीं पा रही है।राहुल गांधी जब कहते हैं कि वोट चोरी कर सरकार बना रहे हैं तो जनता के मन में सवाल आता है कि उसे रोकना तो कांग्रेस का काम है, वह रोक क्यों नहीं पाती है, वह हल्ला भर करती है। हल्ला करने से तो चोरी रुकती नहीं है,चोरी नहीं रुकेगी तो कांग्रेस की सरकार कैसे बनेगी।कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए तो चोरी को रोकना होगा। यही काम कांग्रेस करती नहीं है तो जनता उसके हल्ला करने को गंभीरता से नहीं लेती है।अब अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी या दान चोरी का मामला सामने आया है तो कांग्रेस को लग रहा है कि वह इसे बड़ा मुद्दा बना सकती है। भाजपा को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचा सकती है,चुनाव में इसका फायदा उठा सकती है।

यही वजह है कि केंद्र से लेकर राज्यों के स्तर पर कांग्रेस इसे बड़ा मुद्दा बनाने का प्रयास कर रही है।छत्तीसगढ़ मे भी इसे बड़ा मुद्दा बनाने का प्रयास करते हुए विधानसभा में इस पर चर्चा कराने का प्रयास कांग्रेस ने किया।कांग्रेस ने इस मामले में छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठा। कांग्रेस ने इस मामले पर चर्चा की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया।नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी के मामले में छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ रामभक्तों की आस्था आहत हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों ने मंदिर निर्माण के लिए दान दिया है, इसलिए इस मुद्दे पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। ।पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों ने राम मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग दिया था। यदि उन पैसों में कथित अनियमितता या चोरी की बात सामने आई है तो इस पर चर्चा होना स्वाभाविक है। लंबी बहस के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्पष्ट किया कि यह मामला राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र से संबंधित नहीं है। इसे राज्य का विषय नहीं मानते हुए कांग्रेस का स्थगन प्रस्ताव अग्राह्य कर दिया गया। 

यह सच है कि राज्य के लोगों ने राम मंदिर के लिए चंदा दिया है। उस चंदे से राममंदिर बना है, पर सचाई यह है कि राम मंदिर के लिए दिए गए चंदे की कोई चोरी नहीं हुई. चोरी तो चढ़ावे की हुई है। इससे लोगों को बुरा लगा है। क्योंकि राम के प्रति इस देश में इतनी आस्था है कि कोई सोच नहीं सकता था कि राम के नाम पर दिए गए दान को भी कोई चुरा सकता है।लोगों में गुस्सा है कि राममंदिर में दूसरे बड़े मंदिरों की तरह ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं की गई कि कोई चढ़ावे में चोरी कर सके। हो सकता है यह चूक इस अतिविश्वास के कारण हुई हो कि राममंदिर में कोई दान की चोरी नहीं करेगा।जिस ट्रस्ट पर भरोसा किया गया उस ट्रस्ट के कुछ लोग भरोसे का बनाए नहीं रख सके। इसका नुकसान भाजपा को हो सकता है,यह भाजपा जानती है,इसलिए विपक्ष उसको नुकसान पहुंचाने की सोच रहा है तो वह भी नुकसान कम करने का न हो इसके लिए कोशिश तो कर रहा है।

यह सच है कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी से लोग नाराज है,विपक्ष सोच रहा है कि जनता की नाराजगी को बढ़ाकर वह भाजपा को यूपी व देश में राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचा सकता है।क्या जनता भी ऐसा सोच रही है कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी होने की सजा यूपी में भाजपा को हराने के रूप में दी जाए। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की सजा भाजपा को देने के लिए सपा या कांग्रेस की सरकार यूपी में बना दी जाए।विपक्ष तो कई चुनाव हारने से पगला सा गया है,वह तो कुछ भी सोचता रहता है,लेकिन देश की जनता,यूपी की जनता समझदार है,जनता जानती है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी हो गया, यह व्यवस्था की खामी थी,भाजपा संघ नहीं कुछ लोगों की लोभ वृत्ति के कारण ऐसा हुआ है,इसलिए भविष्य मे राममंदिर में ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए की किसी तरह चोरी या भ्रष्टाचार राममंदिर में न हो सके।योगी सरकार यही काम करने का प्रयास कर रही है कि चोरी करने वालों को सजा मिले और भविष्य मे चोरी न हो।कांग्रेस एक बात समझ नहीं पा रही है कि राम मंदिर अब राजनीति का मुद्दा नही रह गया है। उससे न तो कोई लाभ होना है न ही कोई हानि होनी है। राममंदिर आस्था का मुद्दा है और राम के प्रति कांग्रेस भाजपा से ज्यादा आस्थावान नहीं है।



Related News
thumb

सीएम, मंत्रियों को आम आदमी के बीच घूमना चाहिए

हर प्रदेश में किसी न किसी राजनीतिक दल की सरकार होती है। सरकार में सीएम से लेकर मंत्री तक होते हैं। सबके अपने परंपरागत सच्चाई जानने के तरीके होते है...


thumb

भाजपा में बड़े नेताओं को समझा दिया जाता है कि...

राजनीति ही नहीं हर क्षेत्र में अक्सर सारे फैसले ताकतवर करता है क्योंकि उसके पास फैसले करने की ताकत होती है।किसी भी पार्टी का नेतृत्व जितना ताकतवर ह...


thumb

सरकार को अफवाह फैलाने का मौका नहीं देना चाहिए

सरकार कुछ देशहित,जनहित में करना चाहती है तो देश में कुछ लोग ऐसे होते हैं वह खुल कर तो सरकार का विरोध करने सामने नहीं आते हैं लेकिन पर्दे के पीछे से...


thumb

फिर फैक्ट्री हादसे में तीन लोग मारे गए

किसी क्षेत्र में कोई फैक्ट्री लगती है तो लोग खुश होते है अब क्षेत्र के लोगों को रोजागर मिलेगा। फलानी वस्तु का उत्पादन हमारे राज्य में होगा,राज्य के...


thumb

राहुल गांधी गुटबाजी नहीं चाहते और वही होती रहती है

आम तौर पर माना जाता है कि पार्टी है तो नेता है।यह सच भी है कि पार्टी होने के कारण ही सब नेता व कार्यकर्ता होते हैं। कांग्रेस में इस सच को नहीं माना...