गरियाबंद (वीएनएस)। कलेक्टर बी.एस. उइके ने आज जिला कार्यालय के कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिले के सभी अनुविभाग एवं तहसील स्तर पर राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व से संबंधित लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे आम नागरिकों से जुड़ा विभाग है, इसलिए प्रकरणों के निराकरण में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और तत्परता बनाए रखना आवश्यक है। कलेक्टर उइके ने संपूर्ण राजस्व प्रकरणों के साथ भू-अर्जन, लोक सेवा केन्द्र (सेवा सेतु) के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों, समय-सीमा में लंबित पत्रों तथा मुख्यमंत्री जनदर्शन 1076, कलेक्टर जनदर्शन एवं जनप्रतिनिधियों से प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जन-शिकायतों और नागरिकों से प्राप्त आवेदनों के निराकरण में अनावश्यक विलंब न हो तथा लंबित आवेदनों का शीघ्र निराकरण किया जाए।
बैठक में पटवारियों द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर से राजस्व अभिलेखों के सत्यापन, आधार प्रविष्टि, भू-नक्शा अद्यतीकरण, भू-आबंटन के लंबित प्रकरण, रिकॉर्ड दुरुस्ती तथा वन अधिकार पत्रों के भुइयां पोर्टल में अपडेशन की प्रगति की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि अभिलेखों में आवश्यक सुधार समय पर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व प्रकरणों में रिकॉर्ड दुरुस्ती की कार्रवाई पूर्ण होने के बाद ही प्रकरणों को नस्तीबद्ध किया जाए। कलेक्टर ने हाईकोर्ट एवं सिविल कोर्ट में लंबित प्रकरणों, अभिलेख कोष्ठ में अभिलेख जमा करने की स्थिति, स्वेच्छानुदान एवं सड़क दुर्घटना मद के अंतर्गत स्वीकृत तथा भुगतान राशि, ऑडिट कंडिकाओं के निराकरण और भूमि आबंटन एवं लैण्ड बैंक से संबंधित जानकारी की भी समीक्षा की। उन्होंने लंबित ऑडिट कंडिकाओं का नियमानुसार शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।
बैठक में किसान किताब के कार्य, आधुनिक रिकॉर्ड रूम के लिए नक्शों की स्कैनिंग, पटवारी कर्मयोगी के तहत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ऑनबोर्डिंग और प्रशिक्षण, ई-ऑफिस एवं ई-एचआरएमएस के क्रियान्वयन, स्वामित्व योजना की प्रगति तथा पट्टाधृति नियम 2023 के तहत नगरीय क्षेत्रों में किए जा रहे सर्वे की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा असर्वेक्षित एवं वन ग्राम से बने राजस्व ग्रामों में बी-1 एवं खसरा विवरण, विभिन्न श्रेणी के कृषकों के पंजीयन, संबंधित पोर्टल की प्रगति तथा पटवारियों की मांग एवं समस्याओं के निराकरण की जानकारी ली गई।
कलेक्टर उइके ने सभी राजस्व अधिकारियों एवं मैदानी अमले को अधिक से अधिक क्षेत्र का भ्रमण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों को अद्यतन और व्यवस्थित रखने के साथ डिजिटल प्रणालियों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। नागरिकों को राजस्व सेवाएं समय पर उपलब्ध कराना सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक में अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे, अपर कलेक्टर ऋषा ठाकुर सहित जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार एवं संबंधित राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।
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